रायपुर : कटघोरा-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) सड़क परियोजना से जुड़े भूमि मामलों में आम नागरिकों और भूमि स्वामियों को राहत देने की दिशा में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने पहल की है। उन्होंने कोरबा कलेक्टर को पत्र लिखकर मांग की है कि सड़क परियोजना से वास्तव में प्रभावित नकसा-खसरा और भूमि को छोड़कर अन्य अप्रभावित क्षेत्रों की जमीनों की खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री की अनुमति प्रदान की जाए। मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने पत्र में कहा है कि कटघोरा-उरगा एनएच सड़क निर्माण से संबंधित भूमि की रजिस्ट्री प्रक्रिया लंबे समय से बंद है। इसके कारण संबंधित क्षेत्र के नागरिकों और भूमि स्वामियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपनी जरूरतों के अनुसार जमीन का क्रय-विक्रय नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और व्यक्तिगत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सड़क परियोजना के लिए चिन्हित भूमि को सुरक्षित रखना जरूरी है, लेकिन इसके अलावा जिन जमीनों पर परियोजना का कोई प्रभाव नहीं है, उन पर रोक जारी रहने से आम लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए प्रभावित भूमि को यथावत रखते हुए अप्रभावित भूमि की खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाएं जनता की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए होती हैं। ऐसे में यह भी जरूरी है कि विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों के अधिकारों और हितों का संरक्षण किया जाए। लंबे समय से रजिस्ट्री बंद होने के कारण कई भूमि मालिक अपनी संपत्ति का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें आर्थिक जरूरतों के समय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कोरबा कलेक्टर से आग्रह किया है कि कटघोरा-उरगा एनएच सड़क से संबंधित वास्तविक प्रभावित नकसा-खसरा को छोड़कर शेष भूमि की स्थिति का परीक्षण कर जल्द से जल्द खरीदी-बिक्री और रजिस्ट्री की अनुमति प्रदान की जाए।
इससे हजारों भूमि स्वामियों और स्थानीय नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। कटघोरा-उरगा एनएच परियोजना क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण और संबंधित प्रक्रियाओं के चलते कई इलाकों में जमीनों के लेन-देन पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, जिन क्षेत्रों की भूमि सड़क निर्माण या अधिग्रहण की प्रक्रिया से प्रभावित नहीं है, वहां के लोगों की मांग रही है कि उन्हें अपनी जमीन के उपयोग और हस्तांतरण की अनुमति दी जाए। मंत्री देवांगन ने कहा कि शासन का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करना है। उन्होंने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस पहल से उन भूमि स्वामियों को राहत मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मामले की समीक्षा के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।



