लोरमी: मुंगेली इलाके में हुए अंधे हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। ब्लैकमेलिंग से परेशान पति-पत्नी ने मिलकर युवक की हत्या कर दी थी। मृतक युवक के वीडियो वायरल करने की धमकी से तंग आकर इस पूरी घटना की साजिश रचने का खुलासा हुआ है। दरअसल मुंगेली जिले के चिल्फी थाना अंतर्गत चौकी डिंडौरी क्षेत्र के ग्राम घानाघाट में 30 जुलाई की रात रामचंद्र पटेल के घर के पास 24 वर्षीय अरुण पटेल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर चौकी डिंडौरी और चिल्फी थाना पुलिस ने बीएनएसएस के तहत मर्ग कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि लगभग तीन साल पहले मृतक अरुण पटेल, आरोपी मुकेश पटेल और उसकी पत्नी मनीषा पटेल महाराष्ट्र में मजदूरी करने गए थे और एक ही कमरे में रहते थे।
इसी दौरान अरुण और मनीषा के बीच अवैध संबंध स्थापित हो गए। मृतक अरुण ने शारीरिक संबंध के दौरान अपने मोबाइल फोन से मनीषा का वीडियो बना लिया था। गांव वापस आने के बाद, अरुण पटेल इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर मनीषा पटेल को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। मृतक की इस हरकत से परेशान होकर मनीषा ने अपने पति मुकेश पटेल को पूरी बात बताई। जिसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर अरुण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने धमकियां और ब्लैकमेलिंग जारी रखी। अरुण की हरकतों से तंग आकर मुकेश और मनीषा ने उसकी हत्या करने की योजना बनाई।
इस योजना के तहत, आरोपियों ने अरुण को अपने घर बुलाया और उसे दूध में नींद की दवाई मिलाकर पिला दी। दूध पीने के बाद अरुण बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपियों ने गमछे से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, उन्होंने शव को रामचंद्र पटेल के घर के पास फेंक दिया। मृतक का मोबाइल फोन और हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का तथ्य सामने आने पर चिल्फी थाने में हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 34 वर्षीय आरोपी मुकेश पटेल और 27 वर्षीय मनीषा बाई पटेल दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुख्ता सबूत मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


