सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को लेकर अगर किसी छात्र के मन में अब भी कोई सवाल या असंतोष है, तो उसके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Central Board of Secondary Education ने इस साल पहली बार छात्रों को एक अतिरिक्त अवसर देने का फैसला किया है। अब विद्यार्थी सीधे सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय जाकर अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच करवा सकेंगे। बोर्ड का यह कदम मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
24 घंटे में कार चोरी का खुलासा: CCTV और साइबर ट्रैकिंग से आरोपी गिरफ्तार, 6 लाख की ब्रेजा बरामद
बोर्ड की ओर से जारी जानकारी
बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह सुविधा सभी छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं होगी। इसका लाभ केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा जिन्होंने पहले अपने अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था और जिनका रिजल्ट “नो चेंज” आया है। ऐसे छात्र अब अपनी उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच करवा सकेंगे, जिससे उन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया को समझने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का मौका मिलेगा।
नोटिफिकेशन जारी
सीबीएसई ने एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि इच्छुक छात्र अपने संबंधित रीजनल ऑफिस में जाकर आंसर बुक की जांच कर सकते हैं। इसके लिए बोर्ड जल्द ही विस्तृत शेड्यूल और प्रक्रिया जारी करेगा। यह नई व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। इससे पहले वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों के पास अपनी कॉपी की फिजिकल जांच कराने का कोई विकल्प नहीं होता था। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड का यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों के बीच भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही इससे परीक्षा मूल्यांकन में पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी। जिन छात्रों को अपने अंकों को लेकर संदेह है, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
रायगढ़ में बड़ा हादसा: विंडो एसी का कंप्रेसर फटा, पिता की मौत, बेटा गंभीर घायल
स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अगले साल से बड़ा बदलाव
छत्तीसगढ़ की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में अगले साल से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के सभी सरकारी और सीजी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों में अब नया शैक्षणिक सत्र 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सरकार का दावा है कि इससे छात्रों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिलेगा, शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे।


