कोरबा : कटघोरा वनमंडल में हाथी की समस्या समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रही है। यहां के केंदई, पसान एवं एतमानगर रेंज में 51 की संख्या में हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें एक लोनर भी शामिल है। लोनर केंदई रेंज के लालपुर क्षेत्र में अकेले घूम रहा है जो बीच-बीच में एनएचए पर आकर मार्ग को अवरूद्ध कर देता है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। वहीं पसान रेंज के बनिया व अन्य सर्किल में 40 हाथी 3 झुंडों में सक्रिय है।
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हालांकि हाथियों के झुंड ने क्षेत्र में शिवाय फसल रौंदने के कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है लेकिन हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की संभावना को देखते हुए वन अमला सतर्क है और हाथियों की लगातार निगरानी में लगा हुआ है। जहां पसान रेंज में हाथियों द्वारा ग्रामीणों के फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है वहीं एतमानगर रेंज में एक दिन पहले पहुंचे गजदल का उत्पात लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बीती रात गजदल में मौजूद 10 हाथी जंगल से निकलकर रिंगनिया गांव पहुंच गया और यहां ग्रामीणों के खेतों में लगे धान की फसल को पैरों तले रौंदने के साथ तहस-नहस कर दिया। जबकि एक ग्रामीण द्वारा बनाए गए झोपड़ी को निशाना बनाते हुए उजाड़ दिया गया।
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हाथियों के उत्पात में 9 ग्रामीण प्रभावित हुए हैं जिनमें से 8 ग्रामीणों की धान फसल तथा सुकुल साय पिता सजन साय बिंझवार नामक एक ग्रामीण के झोपड़ी को भारी नुकसान पहुंचा है। हाथियों के खेतों में पहुंचने तथा उत्पात मचाए जाने की जानकारी मिलने पर गांव के लोग तथा हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचे और शोर मचाकर हाथियों को भगाया। शोर मचाए जाने पर हाथियों का दल नाले को पार कर जंगल चला गया। हाथियों के जंगल जाने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। इधर कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज में भी एक दंतैल सक्रिय है। दंतैल को आज सुबह यहां के जंगल के कक्ष क्रमांक 1102 के आसपास देखा गया।


