कोरबा : कोरबा के फास्टट्रैक कोर्ट ने एक बालिका से दुष्कर्म कर अमानवीय तरीके से मारपीट कर चोट पहुंचाने के मामले में आरोपी को 30 साल की सश्रम सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1000 रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील मिश्रा ने पैरवी की।
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कोरबा के अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक सीमा प्रताप चंद्रा के कोर्ट ने प्रकरण क्रमांक 37/2025 ने यह सजा सुनाई। बालकोनगर पुलिस ने वर्ष 2025 को यह प्रकरण 26 वर्षीय आरोपी सरना सिंकू पिता शंकर सिंकू निवासी लालघाट गुंडा मोहल्ला के खिलाफ दर्ज किया था। 18 अगस्त 2026 को संपूर्ण सुनवाई के बाद मामला निर्णित हुआ। बताया गया कि घटना दिवस को 12 वर्षीय बालिका को अपने घर ले जाकर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और फिर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पूरा मामला लैंगिक हमले से जुड़ा हुआ था। 9 जुलाई 2025 को शाम 5 बजे पीडि़ता को आरोपी ने बहलाया-फुसलाया और अपने घर लालघाट ले गया।
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वहां पर आरोपी के द्वारा मारपीट की गई और उसके मुंह को बंद कर दिया गया। बाद में उसने अमानवीय व्यवहार करते हुए धमकी भी दी। इस दौरान बालिका के एक परिजन के अचानक पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग गया। बाद में पीडि़ता ने अपनी मां को पूरी जानकारी साझा की। बालकोनगर पुलिस ने शिकायत पर धारा 115 (2), 65(2) और 4-पाक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज कर जांच पड़ताल की। एमएलसी रिपोर्ट में सभी चीजें सत्य पाई गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीडि़ता का बयान कराया गया। पर्याप्त सबूत पाए जाने पर आरोपी को 10 जुलाई 2025 को पुलिस ने गिरफ्तार किया। एपीपी मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने प्रकरण को अत्यंत गंभीर श्रेणी का माना और आरोपी की हरकतों को हद दर्जे का पाते हुए 30 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।


