कोरबा : साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड गेवरा परियोजना के अंतर्गत मड़वाधोड़ा बांकीमोंगरा में दो घंटे तक कुछ लोगों ने प्रदर्शन कर कंपनी का खनन काम रूकवा दिया। इसके चलते पूरी गतिविधियां ठप हो गई। एसईसीएल का दावा है कि इस कदम से लगभग 50 लाख का नुकसान हुआ है। इस हेतु संबंधित लोगों को कंपनी ने 50 लाख का नोटिस भेज दिया है। 15 दिन में इसकी भरपाई करनी होगी। उधर गोवर्धन कंवर का कहना है कि नोटिस देने की सूचना मिली है लेकिन मेरे पास नोटिस नहीं पहुंचा है।
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एसईसीएल गेवरा प्रबंधन द्वारा नोटिस दिए जाने से प्रदर्शन करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है और चुनौतियां भी। 22 जून सोमवार को सुबह 10:40 बजे मड़वाढोढ़ा बांकीमोगरा क्षेत्र के 40 से 45 ग्रामीणों का एक समूह सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए गेवरा खदान क्षेत्र के टीआरएस मनगांव भठोरा और नराईबोध पैच में घुस गया। उन्होंने बुनियादी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इसमें रोजगार, मुआवजा और बसाहट आदि को शामिल किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व गायत्री कंवर और गोवर्धन सिंह कंवर ने किया। खबर के अनुसार संबंधित लोगों ने यहां पर पीएनसी कंपनी के द्वारा कराए जा रहे कार्यों को जबरिया बंद करा दिया, जिसने आउटसोर्सिंग पर काम लिया हुआ है।
प्रबंधन का कहना है कि प्रदर्शन के चक्कर में इस क्षेत्र में संचालित 12 एक्स्केवेटर, 5 सरफेस माइनर और कोयला व ओवरबर्डन परिवहन में लगे लगभग 150 टीपर का संचालन ठप हो गया। दो घंटे तक गेवरा परियोजना के इस हिस्से में कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप रहा। इससे प्रबंधन को 50 लाख का नुकसान हुआ। कंपनी ने इसे गंभीरता से लिया है। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान एसईसीएल लाइजनिंग टीम, साइट स्टाफ वरिष्ठ अधिकारी सीआईएसएफ और सुरक्षा विभाग की टीमें तुरंत मौके पर मुस्तैद हुईं। पुलिस बल की मौजूदगी में प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने की कोशिश की गई, फिर भी वे अड़े रहे। इसलिए कंपनी ने सख्त रूख दिखाते हुए उन्हें नोटिस भेजा है।
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खाते में जमा कराएं धनराशि
प्रबंधन ने अपने नोटिस में गोवर्धन और गायत्री कंवर को कहा कि खनन गतिविधियों को बाधित करने के लिए जो नुकसान हमें हुआ है, उसकी धनराशि 50 लाख रुपए 15 दिन के भीतर कंपनी के खाते में जमा कराई जाए। बार-बार खनन क्षेत्र में अनाधिकृत हस्तक्षेप बहुत हो चुका, अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


