कोरबा जिले के कुसमुंडा खदान में SECL प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है। मनमानी इतनी है कि खदान में बगैर दस्तावेज जांचे गाड़ियों को एंट्री दी जा रही है। ताजा मामला बीते दिन का है जहां जांजगीर चांपा जिल के बलौदा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक कोयला लोड ट्रेलर पलट जाने से भाई एवं बहन दोनों की मौत हो गई थी।
IPL 2026: रायपुर पहुंचते ही छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे RCB खिलाड़ी, लोक संस्कृति ने जीता दिल
जानकारी अनुसार घटना कारित वाहन का फिटनेस एवं इंश्योरेंस दोनों ही फेल हो चुके थे फिर भी ऐसे गाड़ी को खदान में एंट्री दी गई।

सूत्रों की माने तो बगैर दस्तावेज पूर्ण गाड़ियों को खदान में प्रवेश देना नियम एवं शर्तों के खिलाफ है। सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसे वाहनों से कोई दुर्घटना होती है तो उसके लिए SECL प्रबंधन और खदान में तैनात सुरक्षा एजेंसी दोनों ही जवाबदार होते हैं।
इस घटना ने कुसमुंडा प्रबंधन की गैर जिम्मेदाराना कार्य को स्पष्ट कर दिया है जिसमें SECL प्रबंधन एवं जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है बल्कि इसके पहले भी बगैर फिटनेस, इंश्योरेंस और परमिट के वाहन से कुसमुंडा जीएम ने 26 जनवरी 2026 को गॉर्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली थी।
इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति SECL प्रबंधन एवं खदान में तैनात सुरक्षा एजेंसी दोनों की मिलीभगत को भी उजागर करती है।

रायगढ़ में “ऑपरेशन प्रहार” का असर, 29 संदिग्ध कबाड़ बीनने वाले और फेरीवाले पुलिस की रडार पर
सबसे बड़ा सवाल है कि इस मामले में कुसमुंडा प्रबंधन की ओर से रोड सेल इंचार्ज ने क्या दस्तावेजों का अवलोकन नहीं किया? क्या सुरक्षा के लिए तैनात त्रिपुरा के जवानों ने दस्तावेज सही नहीं होने के बाद भी एंट्री पर रोक क्यों नहीं लगाई? क्या खदान में ऐसे खेलों को जानबूझकर किया जा रहा है जिसके पीछे माया का खेल तो नहीं है? यदि ऐसा है तो सभी के खिलाफ अपराध दर्ज होना चाहिए? जल्द ही इस मामले में प्रबंधन सहित अन्य के खिलाफ कार्यवाही करने शिकायत होने की खबर है।


