बिलासपुर : कथावाचक नरेंद्र नयन शास्त्री को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से दुष्कर्म के मामले में बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है। हालांकि, धोखाधड़ी के अलग मामले में धारा 420 के तहत जमानत नहीं मिलने के कारण शास्त्री फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे और न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने यह आदेश पारित किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस तथ्य को महत्वपूर्ण माना कि घटना के करीब तीन साल बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा पुलिस द्वारा चालान पेश किए जाने और आरोपी के लंबे समय से न्यायिक हिरासत में रहने को भी जमानत पर विचार करते समय ध्यान में रखा गया।
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नरेंद्र नयन शास्त्री पर बागबाहरा थाना क्षेत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(i), 376(2)(n) और 376(2)(m) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वे चावल के दानों से भविष्यवाणी करने वाले कथावाचक के रूप में चर्चित रहे हैं। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता आंखों की बीमारी से परेशान थी और इलाज के सिलसिले में उसका परिवार आरोपी के संपर्क में आया था। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र भी पेश कर दिया है। हालांकि दुष्कर्म प्रकरण में जमानत मिलने के बावजूद 420 के अलग मामले में राहत नहीं मिलने से शास्त्री की जेल से तत्काल रिहाई का रास्ता साफ नहीं हुआ है।
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