रायगढ़ : रायगढ़ जिले में महिला प्रताड़ना, कथित राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और नाबालिग बच्चे को आपत्तिजनक नारे सिखाने के आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस मामले में आरोपी वसीम मोहम्मद निवासी जोगीडीपा, रायगढ़ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है। रायगढ़ पुलिस के अनुसार, महिला थाना में दर्ज इस मामले की विवेचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लिया और घटनास्थल पर ले जाकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने “हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाए। पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे फिर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, 29 मई 2026 को रायगढ़ की एक स्थानीय महिला ने महिला थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी वसीम मोहम्मद द्वारा महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने महिला के नाबालिग पुत्र को कथित तौर पर कुछ आपत्तिजनक नारे सिखाए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। महिला की शिकायत के आधार पर महिला थाना रायगढ़ में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 52/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वसीम मोहम्मद (43 वर्ष) को 25 मई 2026 को सिटी कोतवाली रायगढ़ पुलिस ने करीब 6 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। गांजा बरामदगी के मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी और उसे जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया था। महिला थाना में दर्ज नए मामले की जांच के लिए पुलिस को आरोपी की आवश्यकता थी। इसके बाद विवेचना अधिकारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और आरोपी को जेल से पुलिस अभिरक्षा में लिया।
पुलिस टीम ने आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। इस दौरान स्थल निरीक्षण, पूछताछ और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी मामले में कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। रायगढ़ पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ महिला प्रताड़ना के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को प्रभावित करने वाले कथित बयानों से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में सभी पहलुओं की गहन जांच जरूरी होती है, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। विवेचना की निगरानी डीएसपी उन्नति ठाकुर के सुपरविजन में की जा रही है। मामले की जांच की जिम्मेदारी पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस को सौंपी गई है।
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रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्र विरोधी सोच फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आरोपी को जांच के आधार पर नहीं छोड़ा जाएगा। एसएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस की प्राथमिकता जिले में शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक समरसता बनाए रखना है।


