बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिलासपुर बादाम कांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक और विवादित वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस वीडियो में एनओसी जारी करने के एवज में पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि एक महिला आवेदक और उसके बेटे को लंबे समय तक ऑफिस के चक्कर लगवाए गए। आरोप है कि एक से डेढ़ महीने तक एनओसी जानबूझकर लंबित रखी गई और इस दौरान पैसे की मांग की गई।
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वायरल वीडियो में महिला आवेदक अधिकारी से गुहार लगाते हुए कहती नजर आ रही है — “मैडम गाली मत दो”, जबकि पूनम बंजारे कथित तौर पर गाली-गलौज करती दिखाई दे रही हैं। मामले में आरोप लगने के बाद पूनम बंजारे ने वीडियो में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी प्रकार के पैसे की मांग नहीं की है। हालांकि इस दौरान ऑफिस परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे माहौल गरमा गया। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मार्च महीने के अंत का बताया जा रहा है। नामांतरण से जुड़े इस प्रकरण में आवेदक का आवेदन 17 मार्च 2025 से लंबित था। बाद में 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बावजूद आवेदक को लाभ नहीं मिल पाया, जिससे फाइल दबाकर रखने के आरोप और मजबूत हो गए हैं।
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लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं : कमिश्नर
विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पूनम बंजारे को नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया है। साथ ही कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे को भी साइडलाइन किया गया है। इस पूरे मामले में कमिश्नर अवनीश शरण ने कड़ी कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद सुशासन के दावों के बीच सरकारी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं आम जनता में भी नाराजगी देखी जा रही है।


