कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सावन के दौरान एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर कोबरा सांप मिलने से लोगों में दहशत फैल गई। एक घटना में जहरीला कोबरा घर के सोफे के अंदर छिपा मिला, जबकि दूसरी घटना पशु चिकित्सालय परिसर में सामने आई। सूचना मिलते ही वन्यजीव रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें जंगल में उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। पहली घटना बालको क्षेत्र के लालघाट की है, जहां सुनील पांडे के घर में उस समय हड़कंप मच गया जब सोफे के अंदर से फुफकारने की आवाज सुनाई दी। परिवार के सदस्यों ने जब ध्यान से देखा तो उन्हें सोफे के भीतर जहरीला सांप दिखाई दिया। घर में मौजूद लोगों ने बिना किसी जोखिम के तुरंत इसकी सूचना रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी (RCRS) की टीम को दी।
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सूचना मिलने के बाद RCRS की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्य अजय साहू ने पूरी सावधानी के साथ सोफे की जांच शुरू की। काफी प्रयास के बाद सोफे के अंदर छिपे कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान टीम ने विशेष सावधानी बरती, जिससे सांप को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई। रेस्क्यू के बाद कोबरा को वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। समय पर सूचना मिलने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।वहीं दूसरी घटना जिले के भैंसमा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर की है। सावन के पहले सोमवार को अस्पताल परिसर में अचानक कोबरा दिखाई देने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने इसकी सूचना वन्यजीव रेस्क्यू टीम को दी। जानकारी मिलते ही कोरबा के वन्यजीव रेस्क्यू विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी अपनी नोवा नेचर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कोबरा को सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद सांप को रेस्क्यू बैग में रखकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और जंगल में छोड़ दिया गया।
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वन्यजीव विशेषज्ञ जितेंद्र सारथी ने बताया कि सांप पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांपों को देखकर घबराएं नहीं और उन्हें मारने की कोशिश न करें। अक्सर बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों में पानी भर जाने के कारण सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों, दुकानों और अन्य स्थानों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि यदि किसी घर, संस्थान या सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखें और तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। बिना जानकारी के सांप को पकड़ने या छेड़ने की कोशिश करना खतरनाक साबित हो सकता है। सर्पदंश की घटनाओं को लेकर भी विशेषज्ञों ने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि समय पर उपचार मिल सके। कोरबा जिले में बारिश के मौसम के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में वन्यजीव रेस्क्यू टीमों की सक्रियता लोगों और वन्यजीवों दोनों के लिए सुरक्षा का काम कर रही है।


