नई दिल्ली। पाकिस्तान की आतंकी साजिश एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब हो गई है। अमेरिका ने हाल ही में आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी इकाई (SDGT) घोषित कर दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
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दरअसल, टीआरएफ कोई और नहीं बल्कि कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही नया मुखौटा है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि टीआरएफ की गतिविधियां विदेशी फंडिंग से संचालित होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के और कड़े शिकंजे में धकेल सकता है। एनआईए द्वारा जुटाए गए सबूत पाकिस्तान की आतंकी फंडिंग और पनाहगाह देने की नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर सकते हैं।


