राजनांदगांव – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ी आपराधिक साजिश को पुलिस ने अपनी सतर्कता से विफल कर दिया। पद्मश्री सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता फूलबासन बाई यादव के अपहरण का प्रयास उस समय नाकाम हो गया, जब चिखली पुलिस की नियमित वाहन जांच के दौरान संदिग्ध कार को रोका गया और उसमें बंधी हुई महिला को देखकर मामला उजागर हो गया। यह घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बेमेतरा की रहने वाली खुशबू साहू नामक महिला अपने दो साथियों के साथ फूलबासन बाई यादव के घर पहुंची थी। वहां उन्होंने “जरूरी चर्चा” का हवाला देकर उन्हें बातचीत के बहाने बाहर बुलाया। भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने उन्हें कार में बैठा लिया और कुछ ही क्षणों में दरवाजा बंद कर वाहन को तेज गति से आगे बढ़ा दिया।
छत्तीसगढ़ में बिजली हो सकती है महंगी, जून से लागू होगा नया टैरिफ, जेब पर पड़ेगा सीधा असर
बताया जा रहा है कि कार के चलते ही आरोपियों ने फूलबासन बाई यादव के हाथ और मुंह को गमछे से बांध दिया, ताकि वे किसी तरह का विरोध या शोर न कर सकें। यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिससे स्पष्ट होता है कि यह अपहरण की पूर्व-नियोजित कोशिश थी। इसी दौरान जब वाहन खैरागढ़ मार्ग स्थित चिखली पुलिस चौकी के सामने पहुंचा, तो वहां पुलिस द्वारा रूटीन चेकिंग की जा रही थी। पुलिस ने संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया। जैसे ही वाहन रोका गया, पुलिसकर्मियों ने अंदर झांककर देखा तो फूलबासन बाई यादव बंधी हुई अवस्था में मौजूद थीं। स्थिति संदिग्ध लगने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
जांजगीर-चांपा में नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, कार-मेटाडोर की टक्कर में एक युवक की मौत, तीन घायल
आरोपी महिलाओं ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए दावा किया कि फूलबासन बाई यादव को “मिर्गी का दौरा” पड़ा है। हालांकि, पुलिस टीम के एक सदस्य ने उन्हें पहचान लिया, जिसके बाद पूरा मामला खुल गया। इसके तुरंत बाद फूलबासन बाई यादव को सुरक्षित कार से बाहर निकाला गया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार में सवार दो महिलाओं सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी आरोपियों को प्रारंभिक पूछताछ के लिए चिखली चौकी ले जाया गया, जिसके बाद मामला क्षेत्राधिकार के अनुसार सुकुल दैहान चौकी पुलिस को सौंप दिया गया। फूलबासन बाई यादव छत्तीसगढ़ की एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्हें समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ है। ऐसे में उनके अपहरण का प्रयास सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।


