कोरबा – जिला परिवहन कार्यालय कोरबा में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी की मनमानी ने सुशासन सरकार को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। जिम्मेदार अधिकारी अपने पद एवं अधिकार का खुलेआम दुरुपयोग कर एक गैर कर्मचारी को बैठा कर सरकारी काम करा रहे हैं जिसकी वीडियो भी सामने आई है। वीडियो को देख कर ऐसा लग रहा है कि अधिकारी को एक असिस्टेंट की जरूरत है जिसकी चिंता वर्तमान सरकार को करने की आवश्यकता है, वही जिला परिवहन अधिकारी केवल मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं।

गौर से देखिए इस तस्वीर में जिसमें कमरा नंबर 3 में बैठे शाखा प्रभारी विकास ठाकुर दो अन्य शख्स जो कथित एजेंट के रूप में कार्य करते हैं से कार्य संबंधी बातचीत की जा रही है। ये वही लोग है जिनके द्वारा जिला परिवहन कार्यालय के सामने बाकायदा अवैध रूप से कब्जा कर दुकान का संचालन लंबे समय से किया जा रहा हैं। इतना ही नहीं एक शख्स जिनका नाम लालू राठौर है जिसके खिलाफ हाल ही में शिकायत हुई है जिसमें शाखा प्रभारी विकास ठाकुर का संरक्षण प्राप्त है।

ऐसे अनेकों दृश्य परिवहन कार्यालय में आए दिन देखने को मिल रहे हैं जहां पर अधिकांश कमरों में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सरकारी कामकाज को किसी तीसरे व्यक्ति से करा रहे हैं। इस तरह सरकारी कामकाज को कराने के लिए अधिकारी अपने दरवाजे को हमेशा बंद करके रखते हैं ताकि किसी की नजर इस ओर ना पड़ सके वहीं किसी के आने पर वे सजग हो जाए और उनकी पोल न खुल सके।

परिवहन कार्यालय के भीतर ऐसे अनाधिकृत लोगों को संरक्षण देने में जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा का बहुत बड़ा हाथ है क्योंकि इस कार्यालय के मुखिया स्वयं परिवहन अधिकारी है जिनकी जिम्मेदारी है कि किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियां कार्यालय की भीतर न हो परंतु उनकी मौजूदगी में अगर ऐसे कार्य हो रहे हैं तो उनके ऊपर आरोप लगना लाजमी है। यही नहीं विकाश ठाकुर का कमरा भी उनके केबिन से जुड़ा हुआ है।

जहां एक आम आदमी परिवहन संबंधी अपने कार्य को लेकर कार्यालय में दिनभर चक्कर काटते रहता है फिर भी उनके काम को करने के लिए कोई जिम्मेदार नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण उन्हें मजबूरी में कथित एजेंटों जो दिन भर कार्यालय के अंदर बाहर होते रहते हैं और जिनके द्वारा अवैध रूप से कार्यालय के सामने कब्जा कर दुकान का संचालन किया जा रहा है के पास जाकर काम करना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ कार्यालय में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों को कराने के लिए अनाधिकृत लोगों को असिस्टेंट बनाकर कार्य करा रहे हैं।

इस गंभीर लापरवाही ने एक बार फिर सुशासन सरकार के दावों को पलीता लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसलिए परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा को तत्काल हटाने एवं दोषियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने लिखित शिकायत परिवहन आयुक्त के साथ- साथ, मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री, केंद्रीय परिवहन मंत्री एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में की जाएगी।

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