किश्तवाड़/जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोटी गांव में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे बादल फटने से बड़ा हादसा हुआ। मचैल माता की धार्मिक यात्रा में शामिल कई श्रद्धालु पहाड़ से आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए। अब तक 38 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 65 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। लगभग 200 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित, सरकार और बचाव पक्ष में तीखी बहस
हादसा उस समय हुआ जब हजारों श्रद्धालु पड्डर सब-डिवीजन में चशोटी गांव पहुंचे थे। यह यात्रा का पहला पड़ाव था। घटना स्थल पर श्रद्धालुओं की बसें, टेंट, लंगर और कई दुकानें भी मौजूद थीं, जो बाढ़ के पानी में बह गईं।
प्रशासन और आपदा राहत टीमों ने बचाव और खोज अभियान तेज कर दिया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य जारी है और लापता लोगों को ढूंढने के लिए एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है।


