कोरबा : जिले में नामी ऑटोमोबाइल और लुब्रिकेंट कंपनियों के नाम पर कथित तौर पर नकली उत्पादों की बिक्री का मामला सामने आया है। पुलिस और बौद्धिक संपदा संरक्षण संस्था EIPR की संयुक्त टीम ने दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम तिवरता स्थित श्रद्धा फ्यूल्स में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली उत्पाद बरामद किए हैं। मामले में पेट्रोल पंप संचालक चैतन्य मनहर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।पुलिस के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि श्रद्धा फ्यूल्स में टाटा मोटर्स और गल्फ ऑयल जैसी कंपनियों के नाम से पैक किए गए संदिग्ध उत्पादों की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर दीपका पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। उपनिरीक्षक प्रेमचंद साहू और उपनिरीक्षक ललित कुमार गावड़े के नेतृत्व में टीम ने पेट्रोल पंप के पीछे स्थित स्टोर रूम की तलाशी ली।
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तलाशी के दौरान टीम को टाटा मोटर्स के नाम से पैक 20-20 लीटर क्षमता वाले 192 सीलबंद डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) बकेट मिले। पुलिस के अनुसार, इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.67 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा स्टोर रूम से गल्फ ऑयल के नाम से पैक किए गए अन्य लुब्रिकेंट उत्पाद भी बरामद किए गए। पुलिस ने सभी संदिग्ध उत्पादों को जब्त कर लिया है और उनकी वास्तविकता की जांच कराई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने श्रद्धा फ्यूल्स के संचालक चैतन्य मनहर (19), पिता कुशल मनहर, निवासी तिवरता को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कथित नेटवर्क के पीछे अनूप गोयल का नाम सामने आया है। अब पुलिस अनूप गोयल की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कारोबार में और कितने लोग शामिल हैं तथा संदिग्ध उत्पाद कहां से लाए जा रहे थे।
पुलिस ने मामले में दीपका थाने में FIR क्रमांक 0356/2026, दिनांक 8 अगस्त 2026 दर्ज की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 347 और 349 तथा कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। डीजल वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए DEF का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस के अनुसार, घटिया या नकली DEF और लुब्रिकेंट का उपयोग वाहनों की तकनीकी प्रणाली और इंजन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान होने के साथ ही संबंधित कंपनियों के ब्रांड और प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है।
पुलिस अब इस पूरे मामले में सप्लाई चेन और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में अन्य पेट्रोल पंपों और ऑटो पार्ट्स दुकानों पर भी औचक जांच की जा सकती है, ताकि नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।