गरियाबंद : जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुमरापदर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों, इंसानियत और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिस तीर-कमान का इस्तेमाल कभी जंगल में शिकार के लिए किया जाता था, उसी तीर-कमान से एक सगे भाई ने अपने ही भाई को मौत के मुंह तक पहुंचाने की कोशिश कर दी जानकारी अनुसार कमार भुंजिया जनजाति के गनसिंह कमार पर उनके सगे भाई रज्जो कमार ने तीर-कमान से जानलेवा हमला कर दिया।
हमला इतना तेज किया, कि तीर पीड़ित के पीठ पर भीतर गहराई तक घुस गया और आंतों तक पहुंच गया। तेज धारदार तीर के हमले से पीड़ित बहुत बुरी तरह से घायल हो गया।घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर लाया गया, लेकिन वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने तत्काल रायपुर रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है।
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घटना के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे घायल के जीजा को भी आरोपी ने तीर-कमान से घायल कर दिया उनका भी उपचार किया जा रहा है प्रारंभिक तौर पर विवाद की वजह आपसी या जमीन संबंधी विवाद बताया जा रहा है। लेकिन क्या हमले की बजह ये थी या कुछ और सभी पहलुओं पर अमलीपदर थाना पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। घटना के बाद आरोपी रज्जो कमार मौके से फरार हो गया।


