कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में आज यह जागरूकता और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सर्राफा व्यापारियों और गोल्ड लोन कंपनियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों को सुरक्षा के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रतिष्ठानों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया। इससे दुकान के अंदर और बाहर की स्पष्ट निगरानी हो सकेगी। कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी। समय-समय पर उनकी जांच कराने की सलाह भी दी गई। प्रतिष्ठानों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने प्रशिक्षित और सत्यापित सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति पर जोर दिया। कैश और आभूषण परिवहन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
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कर्मचारियों और संदिग्धों पर नजर
दुकान में कार्यरत कर्मचारियों का पूरा विवरण सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। इसमें उनका पता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की प्रतिलिपि शामिल है। व्यापारियों को संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखने की हिदायत दी गई। मास्क पहनकर आने वाले व्यक्तियों को बिना पहचान सुनिश्चित किए कीमती सामान न देने को कहा गया। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या डायल 112 को सूचना देने की अपील की गई।
अभियान का उद्देश्य
कोरबा पुलिस ने बताया कि “सजग कोरबा – सतर्क कोरबा” अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करना है। पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। यह अभियान लगातार जागरूकता और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।


