छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में मौसम अस्थिर बना हुआ है. मौसम विभाग ने 7 अप्रैल को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक, अंधड़ और वज्रपात की संभावना जताई है. खासतौर पर रायपुर और बस्तर संभाग के जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. वहीं, 9 अप्रैल के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने के संकेत हैं. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास 3.1 से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसके साथ ही उत्तर-पूर्व विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन सिस्टमों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है.
प्रदेश में 7 अप्रैल को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. विशेष रूप से रायपुर संभाग और बस्तर संभाग के जिलों में इसका प्रभाव अधिक रह सकता है. कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने, अंधड़ आने और वज्रपात होने की भी चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा, जिससे दिन में सामान्य गर्मी का अहसास जारी रहेगा.
9 अप्रैल से फिर बढ़ेगी गर्मी
हालांकि, 9 अप्रैल के बाद मौसम फिर से करवट लेगा और अधिकतम तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. इससे प्रदेश में गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है.


