छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है. सीएम साय ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे निजीकरण के आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित करार दिया है. सीएम ने जनता को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की कोई मंशा नहीं है.
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‘रूटीन सुनवाई को निजीकरण से जोड़ना गलत’
निजीकरण की सुगबुगाहट पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि विपक्ष तिल का ताड़ बना रहा है. पत्रकारों के सवालों का बेबाकी से जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जिस विभागीय सुनवाई को आधार बनाकर निजीकरण का हौवा खड़ा किया जा रहा है, वह दरअसल एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का ही हिस्सा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक सामान्य ‘रूटीन प्रक्रिया’ का यह अर्थ कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि सरकार राज्य के बिजली तंत्र का निजीकरण करने जा रही है.
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‘हमेशा की तरह दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस विषय में भी सिर्फ दुष्प्रचार कर रहे हैं. सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस की इस रणनीति का एकमात्र मकसद प्रदेश की जनता को गुमराह करना और उनके मन में गलतफहमी पैदा करना है. उन्होंने प्रदेशवासियों से सीधी अपील करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे किसी भी भ्रामक प्रचार या अफवाहों से भ्रमित होने या डरने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है; सरकार जनहित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.


