रायपुर: नीट-2026 पेपर लीक के विरोध में रायपुर समेत प्रदेश के तमाम जिलों में Gen Z संगठन ने प्रदर्शन के दौरान लहराए गए आपत्तिजनक पोस्टरों और सोशल मीडिया पर वायरल फोटो- वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायतें पहुंची हैं। पुलिस ने इनके आधार पर संबंधित लोगों की पहचान शुरू कर दी है।
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पुलिस पोस्टर लहराने वालों के साथ ही इन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड और प्रसारित करने वालों की भूमिका भी जांच कर रही है। प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को सोशल मीडिया की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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बात करें रायपुर की तो कलेक्टोरेट चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें कुछ नाबालिग भी थे। आरोप है कि उनके हाथों में भी अशोभनीय और अपशब्द लिखे पोस्टर थमाए गए। इसके साथ प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की भी चर्चा है।
जानकारों के अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील पोस्टर लगाना या प्रदर्शित करना अपराध है। ऐसे मामलों में बीएनएस की धारा 294 के तहत कार्रवाई हो सकती है। पोस्टर में महिला का अशोभनीय चित्रण होने पर स्त्री अशिष्ट रूपण (प्रतिषेध) अधिनियम भी लागू हो सकता है। सार्वजनिक शांति भंग होने या लोगों में क्षोभ फैलने की स्थिति में बीएनएस की धारा 296 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।


