सक्ती – फर्जी केसीसी से समिति और सरकार को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाने वाले डभरा और चंद्रपुर ब्रांच के सुपरवाइजर जी.पी. राव की शिकायत पर अब तक जांच नहीं हो सकी है। सूत्रों का दावा है कि सुपरवाइजर को बचाने के लिए जांच अधिकारी लगे हुए हैं।
आपको बता दें सुपरवाइजर जी पी राव ने अपने पद एवं अधिकार का दुरुपयोग करते हुए चंद्रपुर और डभरा ब्रांच के कई समितियों द्वारा प्रस्तुत केसीसी ऋण के परीक्षण निरीक्षण में घोर लापरवाही किया है।
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जानकारी अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा बैंको में नियुक्त सुपरवाइजर संबंधित ब्रांच और सोसाइटी दोनों के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी होती है जिनके कंधो पर सही और गलत की जांच करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाता है। लेकिन सुपरवाइजर जी पी राव ने अपने इस पद एवं अधिकार का दुरुपयोग किया और बैंक को भी बदनाम किया है जिससे बैंक की कार्यशैली पर भी लोगों ने सवाल उठाए।
जांच अधिकारी के विरुद्ध होगी शिकायत?
सूत्रों की माने तो जी पी राव की सेवानिवृत्ति कुछ महीनों पश्चात होने वाली है, इसलिए जांच अधिकारी उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि इस बात में सच्चाई है तो जल्द ही इसकी भी शिकायत दर्ज कराते हुए सभी के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने के मांग की जाएगी।
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फर्जी हस्ताक्षर का खेले?
सूत्रों की माने तो जी पी राव के ऊपर समिति के कर्मचारी ने भी फर्जीवाड़ा करने का रोक लगाया है जिसकी जांच चल रही है। कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप की पुष्टि बैंकिंग प्रक्रिया, समिति द्वारा की गई कार्यवाही के दस्तावेज से स्पष्ट हो रही है जिसे बड़ा वित्तीय घोटाला भी कहा जा सकता है।


