छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य की विभिन्न ट्रायल अदालतों को ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही रजिस्ट्रार को निर्देश दिया गया है कि सभी संबंधित अदालतों से ताजा स्थिति रिपोर्ट प्राप्त कर अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।
कश्मीर आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत, CM साय बोले- सरकार पीड़ित परिवारों के साथ
कई जिलों में चल रही सुनवाई
कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक बिलासपुर जिले में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव एवं अन्य से जुड़ा आपराधिक मामला विचाराधीन है। वहीं बलौदाबाजार जिले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सीजेएम कोर्ट में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा और अन्य से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है।
कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक बिलासपुर जिले में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव एवं अन्य से जुड़ा आपराधिक मामला विचाराधीन है। वहीं बलौदाबाजार जिले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सीजेएम कोर्ट में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा और अन्य से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है।
जांजगीर-चांपा जिले में विधायक बालेश्वर साहू एवं अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं। दूसरी ओर रायपुर की विभिन्न अदालतों में भी कई चर्चित मामलों की सुनवाई चल रही है। पीएमएलए और ईडी के विशेष न्यायालय में देवेंद्र यादव, चंद्रदेव प्रसाद राय और कवासी लखमा से जुड़े मामलों पर सुनवाई जारी है। वहीं सीजेएम रायपुर की अदालत में संजीव शुक्ला, देवेंद्र यादव, उद्देश्वरी करा, आकाश शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया चल रही है।
25 अगस्त तक मांगी गई ताजा रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिवीजन बेंच ने रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) को निर्देश दिया है कि सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट से अद्यतन रिपोर्ट प्राप्त कर अगली सुनवाई में पेश की जाए। साथ ही आदेश की प्रति तत्काल संबंधित निचली अदालतों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबित मामलों की प्रगति समयबद्ध तरीके से हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिवीजन बेंच ने रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) को निर्देश दिया है कि सभी संबंधित ट्रायल कोर्ट से अद्यतन रिपोर्ट प्राप्त कर अगली सुनवाई में पेश की जाए। साथ ही आदेश की प्रति तत्काल संबंधित निचली अदालतों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लंबित मामलों की प्रगति समयबद्ध तरीके से हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जा सके।


