बिलासपुर : छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश में अवैध अप्रवासियों, घुसपैठियों और बिना वैध दस्तावेजों के अनधिकृत रूप से निवासरत व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई एवं घुसपैठियों को वापस भेजे जाने के संबंध में निर्देश प्राप्त होने के बाद बिलासपुर पुलिस द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है। उप पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) रश्मिता कौर चावला के नेतृत्व में 7 निरीक्षकों सहित विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया। सभी थाना प्रभारियों को अवैध घुसपैठियों एवं बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके बाद जिले में सघन चेकिंग एवं जांच अभियान शुरू किया गया।
विशेष टास्क फोर्स द्वारा बिलासपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार छापामार कार्रवाई एवं जांच करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी एकत्र की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे व्यक्ति पाए गए, जिनके मूल निवास एवं पहचान से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन आवश्यक पाया गया। संबंधित दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच के लिए संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी संपर्क किया गया। विशेष टीम द्वारा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद एवं जंगीपुर क्षेत्र में जाकर वहां के पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की गई तथा बिलासपुर में निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी एवं दस्तावेज साझा किए गए। संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।
विशेष टीम द्वारा मुर्शिदाबाद एवं जंगीपुर के अतिरिक्त संबंधित थाना क्षेत्रों में जाकर पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से व्यक्तिगत रूप से जानकारी एकत्र की गई तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में बांग्लादेशी नागरिकों के भारत प्रवेश एवं उनके यहां रुकने से संबंधित गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य प्राप्त किए गए। प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर थाना सिरगिट्टी क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को उनकी पहचान एवं दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर, रायपुर भेजा गया है। आम नागरिकों से अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों अथवा संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने एवं पुलिस तक सूचना पहुंचाने के उद्देश्य से टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 भी जारी किया गया है। बिलासपुर पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति के संबंध में उसकी पहचान, निवास अथवा दस्तावेजों को लेकर संदेह हो या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो, तो उसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दी जा सकती है।
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पूर्व में भी की गई प्रभावी कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस द्वारा इस अभियान के पूर्व भी अवैध रूप से निवासरत संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उपलब्ध अभिलेख के अनुसार पूर्व में 2 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। थाना तोरवा क्षेत्र में अवैध रूप से निवासरत बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर, निवासी शाहपुर, आरापाड़ा, नौवापाड़ा, पुलिस स्टेशन कोतवाली, जिला जशोर (बांग्लादेश) की पहचान किए जाने के बाद उसके विरुद्ध 12 जुलाई 2025 को बांग्लादेश निर्वासन (Quit India) की कार्रवाई की गई थी।
इसी प्रकार थाना तोरवा में 17 मार्च 2025 को बांग्लादेश की नाबालिग बालिका के अपहरण के संबंध में आरोपी हृदय कुमार शर्मा के विरुद्ध अपराध क्रमांक 122/2025 के तहत संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया तथा न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। न्यायालयीन निर्णय के बाद उसके विरुद्ध बांग्लादेश Deportation की कार्रवाई किए जाने तक उसे होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर, रायपुर भेजा गया है। मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप में बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों की जो सूची तैयार की गई थी, उसमें दिए गए पतों की जांच के लिए पुलिस की टीम मौके पर गई थी। सत्यापन के दौरान कई पते गलत पाए गए। पुलिस द्वारा संबंधित व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


