सक्ती – जिले में रासायनिक खाद की काला बाजारी करने वाले और किसानों के नाम पर फर्जी खाद की मात्रा दर्ज करने वाले पतेरापाली के संस्था प्रबंधक रामन साहू को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के सीईओ प्रभात मिश्रा ने पतेरापाली सोसायटी संस्था प्रबंधक के पद से हटा दिया है और संलग्नीकरण करते हुए नोडल कार्यालय सक्ती में पदस्थ किया है।
इस कार्यवाही के होने से पतेरापाली सोसायटी के पीड़ित किसानों में न्याय की उम्मीद जगी है।
आपको बता दें सेवा सहकारी समिति पतेरापाली पंजीयन क्रमांक 1842 के संस्था प्रबंधक रामन साहू ने अपने पद एवं अधिकारी का दुरुपयोग करते हुए खरीफ वर्ष 2026 -27 में रासायनिक खाद वितरण में स्वेच्छा चारिता किया था तथा स्टॉक एवं भंडारण में भी घोर लापरवाही की गई है। स्टॉक से लगभग 200 बोरी यूरिया गायब था।
कई किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य को प्रभावित करते हुए नगदी एवं अधिक कीमत पर रासायनिकी खाद की बिक्री कर कालाबाजारी किया था जिसमें संस्था प्रबंधक द्वारा किसानों से फोन – पे में पैसे लेने के सबुत भी थे।
इस पूरे मामले को लेकर समिति के किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसके जांच होने पर कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जितेंद्र साहू ने रामन साहू को स्पष्टीकरण देने पत्र जारी किया था लेकिन संस्था प्रबंधक ने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया था जिसके बाद SADO ने स्मरण पत्र भी दिया लेकिन उसमें भी स्वेच्छा चारिता करते हुए कोई जवाब नहीं दिया।
इस मामले में किसानों का गुस्सा बढ़ने लगा था और आंदोलन की चेतावनी भी दिए थे जिसके बाद कार्यवाही की शुरुवात हो गई है। अब देखना होगा कि पीड़ित किसानों को इस मामले में कब न्याय मिलती है और खाद घोटालेबाज रामन साहू को क्या निलंबित करते बर्खास्त किया जाएगा।
इस मामले को लेकर हमारे द्वारा अपने चैनल *Induatrial impect* में प्रमुखता से खबर प्रकाशन करते हुए दिखाया था जिसके बाद जिले के नए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए किसानों को न्याय दिलाने कार्यवाही के निर्देश दिए थे। किसानों ने नए कलेक्टर की इस कार्यवाही के लिए धन्यवाद भी दिया है।
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अब सब की नजर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर सीईओ प्रभात मिश्रा की कार्यवाही पर टिकी हुई है।


