कोरबा: शहर के बुधवारी बायपास में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हादसे में ई-रिक्शा में सवार तीन-चार महिलाओं, एक बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए। एक युवती के पैर में गंभीर चोट आई है। सभी घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। ई-रिक्शा एक नाबालिग चला रहा था, जो इस मार्ग पर अक्सर देखा जाता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा पलट गया और उसमें बैठी सवारियां सड़क पर गिर गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद कर घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस को सूचना दी।
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हादसे के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी मिलते ही ई-रिक्शा चालक के करीब 15 से 20 साथी लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख सिविल लाइन थाना प्रभारी आस्था शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने युवकों से डंडे जब्त कर उन्हें फटकार लगाई और भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस की तत्परता से बड़ी घटना टल गई। हादसे में शामिल कार को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार पर पुलिस का मोनो लगा हुआ था और चालक खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था। कार चालक के शराब के नशे में होने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। नशे की पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल सिविल लाइन पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हादसे की वास्तविक वजह, दोनों वाहनों की गति, नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा चलाने और कार चालक की पहचान समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिगों को वाहन न चलाने दें और तेज रफ्तार से बचें।


