रायपुर : छत्तीसगढ़ का मध्य हिस्सा अब गर्मी की चपेट में आ चुका है और अगले चौबीस घंटे में कई इलाकों में लू जैसी स्थिति बनने के आसार हैं. मंगलवार को रायपुर का सबसे गर्म रहा और तापमान 41.2 डिग्री दर्ज किया गया है. बस्तर और सरगुजा से अभी गर्मी दूर है, वहां असर माह के अंतिम दिनों में होने की संभावना है. वहीं बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग संभाग गर्मी की चपेट में आ गया है और यहां लोगों को 40 डिग्री की गर्मी का सामना करना पड़ रहा है.
उत्तर-पश्चिम की गर्म हवा के असर से अभी बढ़ते दौर की गर्मी पड़ रही है, जिससे पिछले चौबीस घंटे में भी पारा ऊपर की ओर खिसका है. अगले चौबीस घंटे में इसमें और बढ़ोतरी होने की संभावना है. मध्य हिस्से का औसत तापमान एक से दो डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है. अगले चौबीस घंटे में मध्य इलाके के एक-दो पैकेट में लू जैसे हालात बनने की पूरी की संभावना है.
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पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका दक्षिणी असम से दक्षिण तमिलनाडु तक, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, अंदरुनी कर्नाटक होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है . दूसरा उत्तर दक्षिण द्रोणिका 89 डिग्री पूर्व में 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है.
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एक प्रति चक्रवात कर्नाटक और उससे लगे महाराष्ट्र के ऊपर 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. अनुमान है कि इस मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में 15 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने की संभावना है. गर्म हवाओं के आगमन के कारण अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है. आज से एक दो पॉकेट में ग्रीष्म चलने या ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है. बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान में हल्की उतार-चढ़ाव के साथ कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.


