कोरबा – एसईसीएल कुसमुंडा के प्रभावित ग्राम पाली में बिजली चोरी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि SECL कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा लगाए गए बोर मशीन को चलाने सीधे खंभे से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। यह पूरा मामला बिजली चोरी का प्रतीत हो रहा है।

प्राप्त जानकारी अनुसार एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा अपने प्रभावित ग्राम पाली में पिछले कुछ दिनों पूर्व गांव में तालाब किनारे बोर खनन कराया है जिसमें अवैध रूप से सीधे खंभे में बिजली चुराकर हैवी समर्शिबल पंप चलाया जा रहा है। मौके पर कोई मीटर नहीं लगा है जबकि बिजली की खपत का मूल्यांकन करने नियमानुसार हर तरह के कनेक्शन में मीटर लगाना अनिवार्य होता है।
सूत्रों की माने तो SECL के कुछ कर्मचारी प्रभावित गांव पाली में एक खंभे से सीधे तार को जोड़ कर बोर को चला रहे है। सूचना मिलने के बाद जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो खंभे में बिजली कनेक्शन होना पाया।

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लेकिन जिस तरह से खंभे के ऊपरी हिस्से में बिजली कनेक्शन लगाई गई है वहां बिना सीढ़ी या हाइड्रोलिक मशीन बिना खंभे में चढ़ना संभव नहीं है और वहीं कनेक्शन कुशल कर्मचारी द्वारा किया जाना प्रतीत हो रहा है। ऐसे में इस कनेक्शन के वैध एवं अवैध होने को लेकर कई सारे सवाल उठने लगे हैं।
अब सवाल यह है कि SECL प्रबंधन द्वारा लगाए गए बोर मशीन में बिजली कनेक्शन किसने द्वारा किया गया है? और क्या इसकी अनुमति संबंधित विद्युत विभाग से ली गई है? यदि हां तो मीटर क्यों नहीं लगाया गया?

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दूसरा सवाल क्या SECL के ही कर्मचारियों ने बिजली कनेक्शन किया है? और यदि हां तो कर्मचारियों को इसकी अनुमति किसने दी? क्या SECL कर्मचारियों द्वारा किया गया विद्युत कनेक्शन वैध है? जिसकी जानकारी मुखिया को है? यदि वैध नहीं है तो क्या मुखिया द्वारा इस मामले को संज्ञान में लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करेंगे?


