कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में बीते दिन एक युवक ने वीडियो बनाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पहले पंतोरा चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे, जिससे काफी सनसनी फैल गई थी। जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मामला पुलिस पर लगे आरोपों के बिल्कुल विपरीत था। युवती के भाई सचिन खरे ने मृतक सनत कश्यप को पुलिस बनकर धमकाया था। सचिन ने अपने भाई शैलेंद्र पाटले के मोबाइल फोन का उपयोग किया था। उसने सनत कश्यप को फोन कर गाली-गलौज की और थाना आने के लिए कहा।
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मृतक सनत कश्यप, जिसकी उम्र 25 वर्ष थी, इस धमकी से अत्यधिक तनावग्रस्त हो गया। तनाव के कारण उसने वीडियो में अपनी बात कहते हुए आत्महत्या कर ली। सनत कश्यप चोरभट्टी, थाना मुलमला, जांजगीर-चांपा का निवासी था। वह अशोक लीलैंड वर्कशॉप, ग्राम पताढ़ी, थाना उरगा में रह रहा था। जांजगीर पुलिस ने आरोपी सचिन खरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान सचिन खरे ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
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मृतक सनत कश्यप ने अपने वीडियो में पंतोरा चौकी पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। उसने कहा था कि पुलिस ने उसे फोन पर गाली-गलौज कर परेशान किया। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या करने की बात कही थी। जांच में यह आरोप गलत साबित हुआ और वास्तविक अपराधी का पता चला।
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सचिन खरे ने धीरेंद्र पाटले के दोस्त सनत कश्यप को निशाना बनाया था। उसने शैलेंद्र पाटले के फोन से सनत कश्यप के नंबर पर कॉल किया। कॉल पर उसने खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसकर्मी बताया था। धमकी और गाली-गलौज से डरे सनत ने अपनी जान दे दी। जांजगीर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सचिन खरे को गिरफ्तार किया है।


