रायपुर : मकर संक्रांति के बाद से दिन की लंबाई में हो रही बढ़ोतरी के साथ धूप में चुभन का अहसास बढ़ने लगा है. आने वाले दिन में प्रभावित कर ठंड का प्रभाव रात और सुबह-सुबह महसूस होने की संभावना है. तीन पश्चिमी विक्षोभ के आने की वजह से इस सप्ताह ठंड का असर कम रहने के आसार बन रहे हैं. आसमान साफ होने की वजह से दिन का पारा चढ़ने लगा है और राज्य का न्यूनतम तापमान 27 से 35 डिग्री के बीच पहुंच गया है, जो सामान्य से अधिक है.
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मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राज्य में जनवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में जिस तरह की ठंड पड़ी, उसकी वापसी होने के उम्मीद कम है. साथ ही ठंड का प्रभाव धीमे-धीमे सिमटना शुरू हो जाएगा. ठंड के दिनों में शाम साढ़े पांच बजे से ही अंधेरा होने लगता था. अब शाम 6 बजे के बाद ही दिन का ढलना शुरू हो रहा है, धीरे-धीरे इसकी टाइमिंग में और बढ़ोतरी होने के आसार बन रहे हैं.
14 जनवरी को मकर संक्राति के साथ ही सूर्य की दिशा उत्तर होने के बाद दिन की लंबाई बढ़ने लगती है. इसका असर चार दिन बाद ही नजर आने लगा है और आसमान के साफ होने के साथ धूप की तपिश भी बढ़ने लगी है. रविवार को दोपहर धूप के तेज होने का अनुभव हुआ और शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक होकर 31.4 तक पहुंच गया. इसके पूर्व रात में रायपुर, दुर्ग और माना के कई इलाकों में शीतलहर जैसी ठंड महसूस हुई.
अगले 24 घंटे में बड़ा बदलाव नहीं होगा, मगर आने वाले तीन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है, जो 26 जनवरी तक ठंड के प्रभाव को कम कर सकता है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड का असर कम हो सकता है.
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आउटर में ठंड का असर
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सीजन में माना इलाके में ठंड ने 15 साल में पहली बार जोरदार असर दिखाया है. इसी तरह मैनपाट, बलरामपुर, जशपुर सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में रात का तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक नीचे उतरा था. ठंड का प्रभाव पहले रिहायशी इलाकों में कम होगा, इसके बाद आउटर में इसका प्रभाव महसूस होगा. सामान्यतः खुले इलाकों में ठंड और गर्मी का असर तेजी से होता है.


