सक्ती – जिले में फर्जी केसीसी का खेल लंबे समय से चल रहा है। लगातार खबर प्रशासन एवं शिकायत होने के बावजूद भी जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग ऐसे भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने से नाकाम नजर आ रहे हैं। शायद यही कारण है कि आज भी फर्जी केसीसी का कारोबार जिले में फल – फूल रहा है।
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फर्जी केसीसी का ताजा मामला सामने आए हैं, मामला सक्ती ब्रांच अंतर्गत सेवा सहकारी समिति पतेरापाली का है। इस समिति के संस्था प्रबंधक रमन साहू ने एक किसान को दोहरा लाभ पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि जिस किसान के नाम पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में पहले से ही के.सी.सी. कर्ज लिया गया था जिसका जमीन बैंक में बंधक भी रखा हुआ है उसके बावजूद समिति में खरीफ वर्ष 2025 – 26 में नियम विरुद्ध केसीसी ऋण दे दिया गया।
सबसे बड़ी बात यह भी है कि उक्त किसान के नाम पर पंजीकृत रकबा जिसके अनुपात में केसीसी ऋण एवं वस्तु ऋण स्वीकृत करना था उसमें भी गड़बड़ी की गई है और नियमानुसार जितनी राशि देनी चाहिए थी उससे भी अधिक राशि दिया गया है। सूत्रों की माने तो इस पूरे प्रकरण में समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष भुनेश्वर साहू और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा सक्ती के सुपरवाइजर विनोद साहू की मिलीभगत होना बताया जा रहा है।
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प्राधिकृत अध्यक्ष और बैंक के सुपरवाइजर के ऊपर ऐसे गंभीर आरोप लगना लाजिमी भी है क्योंकि समिति द्वारा प्रस्तुत केसीसी ऋण एवं वस्तु ऋण से संबंधित किसानों के दस्तावेजों का परीक्षण – निरीक्षण करने की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है और जांच उपरान्त इनके हस्ताक्षर होने के बाद ही स्वीकृति मिलती है। ऐसे में कहां जा रहा है कि प्राधिकृत अध्यक्ष एवं बैंक सुपरवाइजर के द्वारा परीक्षण निरीक्षण में जानबूझकर लापरवाही की गई है जिसकी पुष्टि दस्तावेजों से स्वतः ही किया जा सकता है।


