सक्ती – जिले में एक बार फिर धान खरीदी केंद्र में प्रभारी और ऑपरेटरों की संशोधित सूची निकलने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष खरीफ 2025/ 26 की धान खरीदी के लिए अति संवेदनशील और संवेदनशील स्तर के कुछ समितियों में खरीदी प्रभारियों और ऑपरेटरों को बदल दिया गया है ताकि खरीदी कार्य में कोई गड़बड़ी न हो सके। लेकिन इन लोगों के द्वारा एक बार फिर जुगत लगाते हुए पुराने जगह पर अपनी पोस्टिंग कराने में लगे हुए हैं।
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पूरे प्रदेश भर में धान खरीदी का कार्य शुरू हो चुका है। सक्ती जिले में भी धान खरीदी शुरू हो चुकी है लेकिन कुछ समितियां में अभी भी ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई है जिसको लेकर कई तरह की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। सूत्रों की माने तो विभाग के कुछ प्रभावशील अधिकारी अपने चहेतों को पोस्टिंग दिलाने के लिए जानबूझकर नियुक्ति को रोक कर रखे हुए हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस पोस्टिंग में माया का खेल भी होने की संभावना है।
बीते वर्ष सक्ती जिले में कई संशोधित आदेश निकलते रहे और कई समितियों में फेरबदल होने से कुछ ऐसे लोगों के भी पोस्टिंग कर दी गई जिन पर पहले से ही कई गंभीर आरोप लगे हुए थे। ऐसे लोगों की पोस्टिंग होने से खरीदी के दौरान फड़ में से धान के गायब होने की भी शिकायत कलेक्टर से लेकर कमिश्नर कार्यालय तक पहुंची थी जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण धान खरीदी केंद्र भोथीया का है।
बीते वर्ष बाराद्वार शाखा अंतर्गत धान खरीदी केंद्र भोथीया में पदस्थ खरीदी प्रभारी दिवाली चंद्रा के ऊपर फड़ में से 1 करोड़ 86 लाख रुपए के धान गायब करने की शिकायत हुई थी जिसकी लिखित शिकायत 12/03/2025 को राज कुमार चंद्रा के द्वारा संभागायुक्त से की थी। हालांकि शिकायत के बाद जांच में लीपा – पोती कर देने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है।
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सूत्रों की माने तो इस बार भी सूची में फिर बदलाव करते हुए दिवाली चंद्र को फिर से खरीदी प्रभारी बनाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस काम के लिए माया का जाल भी बिछाया गया है। जिले के कलेक्टर द्वारा इस वर्ष 21/11/2025 को जारी आदेश में भोथीया खरीदी केंद्र के लिए खरीदी प्रभारी रामकुमार चंद्रा को नियुक्त किया गया है। लेकिन अब कुछ लोग अपनी पहुंच और माया से वापसी की जुगत में लगे हुए है।
सूची में यदि बदलाव होता है तो यह कहना गलत नहीं होगा कि इस बार भी पिछले वर्ष की भांति जानबूझकर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को एक बार फिर भ्रष्टाचार करने का अवसर दिया गया है। लोगों की पैनी नजर नई संशोधित सूची पर है। क्या नई संशोधित सूची जारी होगी या फिर जिनको जिम्मेदारी दी गई है उन्हीं से खरीदी कराई जाएगी देखने वाली बात होगी।


