नई दिल्ली। देश में GST रेट में कटौती के बाद ऑटो सेक्टर ने रफ्तार पकड़ ली है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में भारत में करीब 4,70,000 कारें बिकीं, जो पिछले साल अक्टूबर 2024 की तुलना में 17% ज्यादा है। यह पिछले तीन सालों में ऑटो इंडस्ट्री के लिए सबसे बेहतर महीना साबित हुआ है।
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कार बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
कार डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, त्योहारी सीजन और कर राहत (GST कटौती) ने ग्राहकों की खरीद क्षमता को बढ़ाया है। छोटे और मिड-सेगमेंट मॉडल्स में सबसे ज्यादा डिमांड देखी गई है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बिक्री में भी 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बैंकों ने घटाई कार लोन ब्याज दरें
बिक्री बढ़ने के साथ ही अब बैंक भी ग्राहकों को लोन सस्ता देने की होड़ में हैं।
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🏦 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) — अब कार लोन पर 8.75% सालाना ब्याज दर ले रहा है।
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🏦 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया — कार लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.90% रखी गई है।
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💳 HDFC बैंक और ICICI बैंक ने भी फेस्टिव ऑफर के तहत ब्याज दरों में मामूली कटौती की है, जो क्रमशः 8.40% और 8.60% से शुरू होती हैं।
कर्ज लेने से पहले ये बातें जानें
विशेषज्ञों का कहना है कि कार लोन लेने से पहले ग्राहकों को ब्याज दर के साथ-साथ प्रोसेसिंग फीस, डाउन पेमेंट और प्री-पेमेंट चार्ज की भी तुलना करनी चाहिए।
ऑनलाइन बैंक पोर्टल्स या लोन एग्रीगेटर वेबसाइट्स पर EMI कैलकुलेटर की मदद से अपनी किस्त और कुल ब्याज का अनुमान लगाया जा सकता है।
ऑटो इंडस्ट्री में उम्मीदें बढ़ीं
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मौजूदा रफ्तार बरकरार रही तो साल के अंत तक 50 लाख कारों की बिक्री का आंकड़ा पार किया जा सकता है। कंपनियां भी अब नए मॉडल्स और EV लॉन्च के जरिए बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में हैं।


