कोरबा – एसईसीएल कुसमुंडा खदान में प्रबंधन और त्रिपुरा राइफल्स सुरक्षा एजेंसी के नाक के नीचे से हो रही चोरी की एक नई घटना सामने आई है। चोर करोड़ों की सुरक्षा एजेंसी को भी मात दे रहे है और तीसरी आंख की सुरक्षा होने के बाद भी रात के अंधेरे में कर्मचारियों की गाड़ियों से पेट्रोल चोरी कर रहे हैं। पेट्रोल चोरी का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस चोरी की घटना ने एक बार फिर करोड़ों की सुरक्षा एजेंसी त्रिपुरा राइफल्स के जवानों के कार्य शैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वही खदान में SECL प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को भी दर्शा रहा है।
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आपको बता दे बीते दिनों कोरबा जिले के SECL कुसमुंडा खदान में रात के समय खदान में कर्मचारी काम करने पहुंचे थे जिन्होंने अपनी गाड़ियों को पार्किंग शेड में रखा हुआ था। कर्मचारियों के पार्किंग शेड में रखे गाड़ियों से पेट्रोल चोरी की जा रही है जिसका वीडियो भी सामने आयाहै। करोड़ों की सुरक्षा एजेंसी एवं सीसीटीवी निगरानी होने के बावजूद चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे है मानो इन्हें कार्यवाही का भय ही ना हो। इस घटना ने ना सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि सुरक्षा एजेंसी की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं वही प्रबंधन की सुरक्षा को भी कटघरे में लाकर रख दिया है
कुसमुंडा खदान में चोरी का Exclisive video
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सूत्रों की माने तो कुसमुंडा खदान में यह पहली चोरी की घटना नहीं है, इसके पहले भी कई चोरी के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसी बदनामी के डर से मामले को ही दबा देते है। सूत्र यह भी दावा कर रहा है कि चोरों के हौसले बिना संरक्षण के बुलंद नहीं हो सकते तो ऐसे में चोरों को किसका संरक्षण मिला हुआ है जांच होनी चाहिए और उनके विरुद्ध कार्यवाही भी तय करनी चाहिए।
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संरक्षण की बात करें तो SECL कुसमुंडा खदान में कई अनाधिकृत लोडर भी चल रहे हैं जिसका हमने लगातार खबरों को प्रकाशन किया और प्रबंधन को अवगत कराते हुए सच्चाई से आईना भी दिखाया। लेकिन प्रबंधन ने ना तो कोई कार्रवाई की और ना ही इसके लिए जांच बैठाया। ऐसे में SECL प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसी का संरक्षण मिलना तय माना जा रहा है। दूसरी बात जिस खदान में बगैर अनुमति के एक मोटरसाइकिल प्रवेश नहीं कर सकता वहां पर इतनी तादाद पर लोडर कैसे प्रवेश कर सकते हैं। क्या माया के बाजार में जिम्मेदारियां भी बिक गई? सोचने वाली बात है।
खैर अब देखना होगा कि खबर के बाद प्रबंधन क्या कार्यवाही करती है। कर्मचारियों के गाड़ियों से होने वाली पेट्रोल चोरी पर अंकुश लगेगा या नहीं यह तो आगे की कार्यवाही के बाद ही पता चलेगा।


