कोरबा – पिछले 11 वर्षों से SECL कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा गेवरा बस्ती सहित अन्य ग्रामों की भूमि अधिग्रहण के लिए बनाए जाने वाले मुआवजा पत्रक की लेट लतीफी और त्रुटि रहित मुआवजा पत्रक को लेकर कुसमुंडा क्षेत्र के पार्षदों की मेहनत रंग लाई है। SECL कुसमुंडा प्रबंधन द्वारा 29 सितंबर 2025 को 299.29 करोड़ का मुआवजा पत्रक जारी किया है। इस पत्रक में 2913 प्रभावित किसानों के लगभग 1243 एकड़ जमीन के अधिग्रहण होने की पुष्टि की गई है।
गेवरा क्षेत्र में अधिग्रहण की प्रक्रिया में हो रही लेट लतीफी एवं त्रुटि रहित मुआवजा पत्रक को लेकर क्षेत्र के पार्षद श्रवण कुमार यादव, इंद्रजीत बिंझवार, राजकुमार कंवर एवं प्यारेलाल दिवाकर के नेतृत्व में जुलाई 2025 को आंदोलन और घेराव किया गया था इसके बाद SECL प्रबंधन द्वारा लिखित में आश्वासन देते हुए 3 महीने का समय मांगा गया था। SECL प्रबंधन द्वारा गेवरा क्षेत्र भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा पत्र जारी किया गया है जिसमें 299.29 करोड़ रुपए मुआवजा की जानकारी दी गई है।
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प्राप्त जानकारी अनुसार विगत 11 वर्ष पूर्व गेवरा बस्ती सहित अन्य ग्रामों की भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया की गई थी। प्रबंधन द्वारा सभी ग्रामों की भूमि अधिग्रहण को लेकर ड्रोन से सर्वे कराया गया था जो कि कोल इंडिया के डीजी कोल प्रोजेक्ट का हिस्सा भी रहा। गांव के जमीन के अधिग्रहण के बाद धारा 4 व धारा 7 के प्रकाशन के बाद खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। वही मुआवजा प्रकरण में भी लेट लतीफ की जा रही थी जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी उत्पन्न हो रहा था। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ते हुए भूमि के बदले प्रभावित किसानों को मिलने वाले पुनर्वास की सुविधा, मुआवजा एवं नौकरी संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाई जाएगी।
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इस समस्या को देखते हुए चारों पार्षदों ने मिलकर बीड़ा उठाई और ग्रामीणों की मदद से प्रबंधन के खिलाफ धरना एवं आंदोलन किया गया। इसके पश्चात प्रबंधन द्वारा संज्ञान में लेते हुए 3 महीने का समय मांग कर निराकरण करने की बात कही थी।


