कोरबा – एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।जिम्मेदार विभाग के अधिकारी अपने पद का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं जिसकी बानगी भी देखने को मिल रही है। इस तरह घटिया निर्माण करा जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
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ताजा मामला गेवरा बस्ती वार्ड क्रमांक 26 में निर्मित करोड़ों रुपए के सी.सी. रोड का है। इस रोड का निर्माण बीते वर्ष SECL कुसमुंडा द्वारा कराया गया था जिसकी वर्तमान हालत बद से बत्तर हो चुकी है। निर्माण की गुणवत्ता देखने मात्र से ही समझ में आ रही है कि कितने घटिया पैमाने पर कार्य किया गया है। सड़क निर्माण की शुरुआत होते ही स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाया था लेकिन नतीजा बे असर रहा।
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सूत्रों की माने तो ग्रामीणों के विरोध की आवाज जब प्रबंधक तक पहुंची तो उनके द्वारा सड़क की गुणवत्ता की जांच करने के लिए एक जांच टीम गठित की गई थी। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि जांच टीम द्वारा क्या जांच किया? और किसके ऊपर कार्यवाही हुई? या जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई? यह आज तक किसी को खबर नहीं हुई। बल्कि सड़क में लगे गिट्टियां अब उखड़ कर सड़क की गुणवत्ता की पोल खोल रहे हैं जिसे देखकर ही सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है कि इस तरह की घटिया निर्माण हुए हो। यदि एसईसीएल कुसमुंडा अंतर्गत जो भी सिविल कार्य कराया जा रहे हैं उनमें दिए गए एस्टीमेट और हो रहे कार्य का मूल्यांकन कर दिया जाए तो 100 में से 90 कार्य गलत मिलेंगे।
लाखों रुपए वेतन लेकर भी कार्य के प्रति गैर जिम्मेदार?
सूत्रों की माने तो SECL से लाखों रुपए वेतन लेने वाले कई अधिकारी अपने कार्य के प्रति इतने गैर जिम्मेदार हो चुके हैं जो किसी से छुपे नहीं है। आलम यह है कि ऐसे कार्यों को कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की कलम अपने कर्तव्यों के प्रति जवाबदारी दिखाने के वक्त क्यों रुक जाती है? यह सोचने वाली बात है, जबकि यही जिम्मेदार अधिकारी एक आम नागरिक द्वारा सही नियत से सही कार्य के लिए अगर अधिकारी से संपर्क करता है तो उसको कई सारे नियमों की दुहाई दे दिया जाता हैं। क्या इसके पीछे माया का खेल है? यदि हां तो किस तरह की माया है? यह तो अधिकारी ही बता सकते हैं जो ऐसे माया – जाल में फंसे हुए हैं।
आपको बता दें कि गेवरा बस्ती वार्ड क्रमांक 26 में संचालित सोसायटी एवं शासकीय स्कूल से लेकर खोडरी जाने वाले पहुंच मार्ग में सीसी रोड का निर्माण एसईसीएल प्रबंधन द्वारा विगत एक वर्ष पूर्व कराया गया था जिसकी लागत करोड़ों रुपए में थी। सड़क के बनने से पहले ही सड़कों पर दरारें पड़ने शुरू हो चुके थे। वर्तमान में सड़क की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है जिसमें लगाई गई गिट्टियां उखड़ कर घटिया निर्माण को प्रमाणित कर रही है।
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भौतिक जांच कराने होगी शिकायत
गेवरा बस्ती वार्ड क्रमांक 26 के स्थानीय ग्रामीणों की मांग करने पर सड़क निर्माण करने एसईसीएल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी लेकिन ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलीभगत करते हुए घटिया निर्माण कराया गया है जिसे देखने मात्र से नजर आ रही है जिससे उसके उपयोग और टिकाऊ पन पर सवाल खड़े हो रहे है। इस सड़क निर्माण से संबंधित एजेंसी/ ठेकेदार एवं संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ शिकायत करते हुए जल्द ही सड़क की भौतिक जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने मांग की जाएगी। इसके अलावा पूर्व में जिन अधिकारियों को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी उसकी भी जांच कराने मांग की जाएगी


