जिले के प्रधान डाकघर में 15 खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट की 35 लाख रुपये से अधिक राशि में हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद जमाकर्ताओं के बचत खातों में राशि जमा करने के बजाय उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया गया। मामले में डाक विभाग ने डाकपाल समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही गई है।
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सीपीसी शाखा में सामने आई गड़बड़ी
जांच के दौरान पता चला कि कथित गड़बड़ी प्रधान डाकघर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर में हुई है। फिक्स्ड डिपॉजिट की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद राशि खाताधारक के बचत खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुपरवाइजर और डाकपाल की भूमिका होती है। जांच के अनुसार सीपीसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर रामजीलाल मीणा, बीमा का काम देखने वाली सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और राशि जारी करने वाले डाकपाल मनोज पांडेय की भूमिका सामने आई है। विभाग ने जांच में हेराफेरी की पुष्टि के बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
जांच के दौरान पता चला कि कथित गड़बड़ी प्रधान डाकघर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर में हुई है। फिक्स्ड डिपॉजिट की परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद राशि खाताधारक के बचत खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुपरवाइजर और डाकपाल की भूमिका होती है। जांच के अनुसार सीपीसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर रामजीलाल मीणा, बीमा का काम देखने वाली सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और राशि जारी करने वाले डाकपाल मनोज पांडेय की भूमिका सामने आई है। विभाग ने जांच में हेराफेरी की पुष्टि के बाद तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई राशि
जांच के अनुसार खाताधारकों की एफडी की परिपक्वता राशि उनके बचत खातों में जमा करने के बजाय अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई और इसके बाद राशि आहरित कर ली गई। सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
डाक विभाग अब ऐसे अन्य खाताधारकों के खातों की भी जांच कर रहा है, जिनकी एफडी परिपक्व हो चुकी है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित खाताधारकों को उनकी राशि मिली है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही प्रभावित जमाकर्ताओं को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जांच के अनुसार खाताधारकों की एफडी की परिपक्वता राशि उनके बचत खातों में जमा करने के बजाय अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई और इसके बाद राशि आहरित कर ली गई। सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
डाक विभाग अब ऐसे अन्य खाताधारकों के खातों की भी जांच कर रहा है, जिनकी एफडी परिपक्व हो चुकी है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित खाताधारकों को उनकी राशि मिली है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही प्रभावित जमाकर्ताओं को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई भी की जाएगी।


