कोरबा : वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद कोरबा व कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीती रात पसान रेंज से अचानक धमके हाथियों ने केंदई रेंज के कोरबी सर्किल में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने सर्किल के मरकाबहरा गांव में ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर वहां लगे धान की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया, जिससे तीन ग्रामीण प्रभावित हुए। हाथियों ने उनकी फसल को बुरी तरह रौंद डाला है। पीडि़त ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन अमला आज सुबह मौके पर पहुंचा और रात में हाथियों द्वारा किए गए नुकसानी का आंकलन करने के साथ रिपोर्ट तैयार की।
नशे में गले में जहरीला सांप डालकर घूमता रहा युवक, कई बार डसे जाने के बाद पहुंचा अस्पताल
बताया जाता है कि इस दल में 10 की संख्या में हाथी हैं, जो अचानक पहुंचे हैं। वहीं उत्पाती लोनर हाथी रेंज के लालपुर क्षेत्र में विचरण कर रहा है। उत्पाती हाथी को आज सुबह यहां डंपिंग एरिया में देखे जाने के बाद वन अमला सतर्क हो गया। क्षेत्र में मुनादी कराने के साथ ग्रामीणों को सतर्क करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि लोनर से दूरी बनाए रखें। उधर पसान रेंज में भी हाथियों की मौजूदगी बनी हुई है। कोरबा वनमंडल में डेढ़ दर्जन हाथी सक्रिय है। जिनमें से 3 हाथी कुदमुरा तथा 15 करतला रेंज में हैं।
कोरबा में 24 अगस्त से राजस्व वसूली शिविर, 22 सितंबर तक वार्डों में लगेगा कैंप
कुदमुरा रेंज में दो हाथियों को यहां के जंगल के कक्ष क्रमांक 1140 तथा एक लोनर को लबेद क्षेत्र में विचरण करते हुए पाया गया। करतला के पहाडग़ांव व साजापानी के बीच 15 हाथियों का दल लगातार डेरा डाला हुआ है। हालांकि क्षेत्र में मौजूद हाथियों ने कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, फिर भी वन अमला अपनी ओर से सतर्कता बरत रहा है और हाथियों की लगातार निगरानी में जुटा हुआ है।


