कोरबा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को सुरक्षा देने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आदतन अपराधी सोमनाथ अग्रवाल उर्फ सोमू अग्रवाल को एक वर्ष के लिए जिला बदर कर दिया है। सोमनाथ अग्रवाल निवासी रविशंकर शुक्ल नगर, थाना कोतवाली, कोरबा के खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। उसके विरुद्ध मारपीट, बलवा, गाली-गलौज, धमकी, अवैध वसूली, शासकीय कार्य में बाधा और लोक शांति भंग करने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस प्रतिवेदन और अभिलेखों के आधार पर पाया गया कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया।
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जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 और 5 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार सोमनाथ अग्रवाल को कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की राजस्व सीमा से भी एक साल तक बाहर रहना होगा। आदेश मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे इन जिलों की सीमा से बाहर जाना अनिवार्य होगा। प्रतिबंधित अवधि में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना वह इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
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जिला प्रशासन ने आदेश में कहा है कि सोमनाथ की गतिविधियों के कारण क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों में भय का माहौल था। कई पीड़ित और गवाह उसके डर से शिकायत या गवाही देने से कतराते थे। यदि उसे जिले में रहने दिया जाता तो लोक शांति प्रभावित होने की प्रबल संभावना थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि प्रतिबंधित अवधि में यदि सोमनाथ इन जिलों में दिखाई दे या कोई संदिग्ध गतिविधि करे तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या जिला प्रशासन को दें।