कोरबा: वन परिक्षेत्र केंदई के ग्राम छिंदिया में बुधवार को एक भालू के खुले कुएं में गिर जाने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भालू को सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल की ओर रवाना किया गया। राहत की बात रही कि भालू को इस दौरान किसी तरह की चोट नहीं आई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर ग्रामीणों को दूर रहने की समझाइश दी, ताकि भालू तनावग्रस्त न हो और कोई अप्रिय घटना न हो। कुएं की अधिक गहराई और भयभीत भालू के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया। शुरुआती प्रयासों में रस्सियों और अन्य पारंपरिक तरीकों से उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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इसके बाद वन विभाग ने रणनीति बदलते हुए जेसीबी मशीन की मदद से कुएं के एक हिस्से की मिट्टी खोदकर ढलाननुमा रास्ता तैयार किया। साथ ही कुएं के भीतर मजबूत बांस की सीढ़ी लगाई गई, ताकि भालू आसानी से ऊपर चढ़ सके। रेस्क्यू के दौरान पूरे क्षेत्र से भीड़ हटाकर शांत वातावरण बनाया गया, जिससे भालू बिना घबराहट के बाहर निकल सके। कई घंटे तक चले अभियान के बाद रात लगभग 12 बजे भालू ने बांस की सीढ़ी और जेसीबी से बनाए गए ढलान का सहारा लेकर कुएं से बाहर छलांग लगाई और सीधे पास के जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित बाहर निकलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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यह रेस्क्यू अभियान वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देशन तथा उप वनमंडलाधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान में वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक कुमार दुबे, वनपाल शारदा प्रसाद शर्मा, मंगल सिंह नायक, वनरक्षक गंगाराम नेताम, अशोक कुमार श्रीवास, मुरारी लाल साहू, प्रहलाद सिदार, हाथी मित्र दल के संदीप उइके, भोला यादव तथा स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव कुएं, गड्ढे या अन्य स्थान पर फंसा दिखाई दे तो स्वयं उसे निकालने का प्रयास न करें, न ही भीड़ लगाएं। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। विभाग ने खुले कुओं के चारों ओर मजबूत दीवार या सुरक्षा घेरा बनाने की भी अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


