भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ (बीएमएस) के आह्वान पर आज दिनांक 27 जून 2026 को खैरहा भूमिगत खदान, एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के मुख्य द्वार पर 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता (NCWA-12) एवं जेबीसीसीआई (JBCCI) के तत्काल गठन की मांग को लेकर विशाल द्वार सभा एवं जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कोयला कर्मचारियों एवं संगठन के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मजदूर एकता का परिचय दिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 30 जून 2026 को 11वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की अवधि समाप्त हो रही है, लेकिन आज तक 12वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई का गठन नहीं किया गया है। यह कोल इंडिया प्रबंधन की उदासीनता एवं श्रमिक हितों के प्रति असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं, आवास एवं अन्य वैधानिक अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर अनावश्यक विलंब अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ (बीएमएस) ही वह पहला श्रम संगठन है जिसने एनसीडब्ल्यूए-12 एवं जेबीसीसीआई के गठन की मांग को लेकर सबसे पहले आंदोलन का बिगुल बजाया और सड़कों पर उतरकर श्रमिकों की आवाज बुलंद की। जब अन्य संगठन केवल आश्वासन और बयानबाजी तक सीमित रहे, तब बीएमएस लगातार द्वार सभाओं, जन-जागरण अभियानों एवं आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक कोयला कर्मचारियों को उनका न्यायोचित अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर कंपनी कल्याण बोर्ड सदस्य एवं अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्री महेंद्र पाल जी, क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री ओंकार द्विवेदी जी, क्षेत्रीय सह महामंत्री एवं क्षेत्रीय सुरक्षा समिति सदस्य अंकित मिश्रा जी ,क्षेत्रीय सह कल्याण समिति सदस्य श्री मंजीत सिंह जी, क्षेत्रीय कार्यालय मंत्री श्री शैलेश परौहा जी, खैरहा इकाई अध्यक्ष श्री अभिषेक सिंह बघेल जी, इकाई सचिव श्री विकास सिंह बघेल जी तथा जेसीसी सदस्य श्री शुभम श्रीवास्तव जी , हीरालाल सोनी जी , महेश जायसवाल जी ,रोहिणी तिवारी जी ने सभा को संबोधित करते हुए कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही जेबीसीसीआई का गठन कर 12वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते की वार्ता प्रारंभ नहीं की गई तो संगठन अपने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं निर्णायक रूप देगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी कोल इंडिया प्रबंधन की होगी।

सभा के समापन पर उपस्थित कर्मचारियों एवं कार्यकर्ताओं ने “जेबीसीसीआई का तत्काल गठन करो”, “एनसीडब्ल्यूए-12 शीघ्र लागू करो”, “भारतीय मजदूर संघ ज़िंदाबाद” तथा “मजदूर एकता ज़िंदाबाद” के गगनभेदी नारों के साथ अपने अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
द्वार सभा में उमड़ा श्रमिकों का जनसैलाब एवं कर्मचारियों की अभूतपूर्व उपस्थिति पूरे सोहागपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। बड़ी संख्या में श्रमिकों की सहभागिता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि कोयला कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह संगठित हैं और आवश्यकता पड़ने पर बड़े से बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।


