कोरबा: पसान थाना क्षेत्र के कुकरीबहरा गांव में अंधविश्वास और टोनही प्रथा को लेकर हिंसक विवाद का मामला सामने आया है। गांव के बैगा द्वारा एक महिला को टोनही बताए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। हमले में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एक नाबालिग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जबकि एक महिला आरोपी और बैगा की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी बीर सिंह की पत्नी सोनकुंवर काफी समय से बीमार थी। इलाज के बजाय परिवार गांव के बैगा कांशीराम से झाड़-फूंक करा रहा था। इसी दौरान बैगा ने गांव की महिला फूलमत बाई को टोनही बता दिया। इसके बाद सोनकुंवर ने फूलमत बाई को ताने देना और परेशान करना शुरू कर दिया। लगातार हो रहे विवाद के बाद गांव चौपाल में बैठक बुलाई गई, लेकिन आरोपी पक्ष वहां नहीं पहुंचा। अगले दिन दोबारा बैठक रखी गई। तब फूलमत बाई अपनी बहुओं और पोती के साथ आरोपी परिवार को बुलाने उनके घर पहुंची।
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घर के पास पहुंचते ही दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। विवाद अचानक हिंसक हो गया और आरोपी पक्ष ने फावड़ा, हंसिया और डंडों से हमला कर दिया। हमले में फूलमत बाई समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपी के घर पहुंची तो एक कमरे में झाड़-फूंक की सामग्री, आटे का घेरा और जलता दीपक मिला। पूछताछ में पता चला कि बैगा कांशीराम वहां तंत्र-मंत्र कर रहा था। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह पीछे के रास्ते से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले में बीर सिंह और बुधराम समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
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