कोरबा : जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने जांच में नमूने फेल होने पर यह कदम उठाया। कटघोरा और कोरबा के अपर जिलाधिकारी न्यायालय ने आठ व्यापारियों पर जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 25 हजार से 1 लाख रुपये तक का है। विभाग ने रायपुर स्थित प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। इसके अलावा सात अन्य दुकानों के खिलाफ भी मामले तैयार किए गए हैं। इन पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। बालाजी वाटन औद्योगिक क्षेत्र, नेचुरल मिठाई निहारिका, निर्मल दुग्धालय कुसमुंडा, मां कालिका दुग्धालय कुसमुंडा, अपना स्टोर आरएसएस नगर, गीता अभिकरण सीतामढ़ी और फोर सीजन भोजनालय के खिलाफ प्रकरण तैयार हुए हैं।
दर्री स्थित स्वाद भोजनालय पर 1 लाख रुपये, जय कृष्ण दैनिक आवश्यकताएं पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगा। मुरली होटल और बीकानेर मिठाई पर 50-50 हजार रुपये का दंड लगा। युवराज व्यापारी पर 30 हजार रुपये, श्याम मिठाई जेलगांव पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। शुभम दुग्धालय उरगा पर 20 हजार रुपये और सुनीता दुग्धालय उरगा पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग नियमित रूप से जांच अभियान चलाता है। इसी क्रम में अफसरों ने शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में निरीक्षण किया। दर्जन भर से अधिक राशन, मिठाई भंडार और दुग्धालय दुकानों से नमूने लिए गए थे। सभी नमूने जांच के लिए रायपुर की प्रयोगशाला भेजे गए। प्रयोगशाला रिपोर्ट में कई खाद्य पदार्थों में खामियां पाई गईं, जिसे विभाग ने गंभीरता से लिया।
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डिज्नीलैंड मेला का औचक निरीक्षण
विभाग की टीम ने सोमवार को बुधवारी में डिज्नीलैंड मेला का औचक निरीक्षण किया। टीम ने खाद्य कारोबारियों को नियमानुसार खाद्य लाइसेंस रखने की समझाइश दी। उन्हें दर प्रदर्शित करने, कम खाद्य रंग उपयोग करने और अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक बिक्री न करने को कहा गया। नियमों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। विभाग का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है और यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।


