कोरबा – जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज में हाथियों का उत्पात जारी है। यहां के मेड़उड़ पहाड़ में 33 हाथी विचरण कर रहे हैं जबकि 11 हाथी पहाड़ से नीचे उतरकर धोबघट के जंगल में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों का यह दल लगातार उत्पात मचाकर वन विभाग व ग्रामीणों के नाकों में दम कर दिया है। बीती रात हाथियों का 11 सदस्यीय दल धोबघट गांव के निकट पहुंच गया और वहां पर स्थित बाड़ी में प्रवेश कर वहां लगे सब्जी के पौधों को उत्पात मचाते हुए तहस-नहस कर दिया, जिससे संबंधित ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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दो दिन पहले भी हाथियों का दल इसी बाड़ी में उत्पात मचाया था और सब्जी के पौधों को नुकसान पहुंचाने के साथ तहस-नहस कर दिया था। हाथियों का एक दल दोबारा बाड़ी में घुसा और उत्पात मचाया। बाड़ी मालिक को हाथियों के उत्पात का पता आज सुबह तब चला जब वे अपने बाड़ी में पहुंचे तो उसे उजड़ा हुआ पाया। तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रात में हाथियों द्वारा किए गए नुकसानी के आंकलन में जुट गए हैं। हाथियों ने बाड़ी को उजाडऩे के बाद फिर जंगल का रूख किया और वहां पहुंचकर विश्राम करने लगा है।
हाथियों के लगातार उत्पात से ग्रामीण दहशत में है। इधर कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज में मौजूद 4 हाथियों ने धरमजयगढ़ का रूख कर लिया है। कुदमुरा के गीतकुंआरी जंगल में विचरण कर रहे हाथी बीती रात अपना लोकेशन बदले और जंगल ही जंगल होते हुए धरमजयगढ़ वनमंडल की सीमा में प्रवेश कर गए। हाथियों के लोकेशन बदलने के दौरान वन विभाग की टीम लगातार पीछे-पीछे चलकर हाथियों की निगरानी करते रहे और जैसे ही हाथियों ने कोरबा जिले की वन सीमा को पार कर धरमजयगढ़ पहुंचा, राहत की सांस ली।


