कोरबा : जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने दो आदतन अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3 एवं 5 के तहत आदेश जारी कर अंचल अग्रवाल और संजय पावले को एक वर्ष की अवधि के लिए कोरबा सहित नौ सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से जिला बदर कर दिया है।
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अंचल अग्रवाल पर कई गंभीर मामले दर्ज
पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार अंचल अग्रवाल उर्फ ‘जिनी’ (30 वर्ष), निवासी आर.एस.एस. नगर, मानिकपुर, थाना कोतवाली, कोरबा, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है। उसके विरुद्ध मारपीट, लूट, भयादोहन, अवैध शराब तस्करी एवं बलवा जैसे गंभीर प्रकरण दर्ज हैं पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 7 आपराधिक तथा 3 प्रतिबंधात्मक प्रकरण दर्ज हैं। आरोप है कि वह आम नागरिकों को डराकर अपना वर्चस्व स्थापित करता था, जिसके कारण कई लोग शिकायत दर्ज कराने से भी कतराते थे। पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों का भी उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। न्यायालयीन परीक्षण के बाद प्रशासन ने माना कि उसके आचरण में सुधार की संभावना न होने तथा सार्वजनिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के कारण जिला बदर की कार्रवाई आवश्यक है।
संजय पावले के विरुद्ध 10 आपराधिक प्रकरण
संजय पावले (43 वर्ष), निवासी शंकर नगर खरमोरा, थाना सिविल लाइन रामपुर, के विरुद्ध मारपीट, डराना-धमकाना, हथियार लहराकर भय उत्पन्न करना तथा अवैध शराब बिक्री जैसे मामलों में संलिप्तता पाई गई है। थाना सिविल लाइन रामपुर एवं बालको नगर में उसके खिलाफ कुल 10 आपराधिक प्रकरण एवं 5 प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयाँ दर्ज हैं। पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख है कि उसके भय के कारण स्थानीय लोग शिकायत दर्ज कराने अथवा गवाही देने से हिचकते थे। अदालत ने केस डायरी, गवाहों के बयान और अन्य अभिलेखों के परीक्षण के बाद उसे जनहित एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना।
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नौ जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश
जारी आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर कोरबा के साथ-साथ बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा। आदेश की अवधि एक वर्ष रहेगी। इस दौरान संबंधित व्यक्तियों को न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों की राजस्व सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उल्लंघन की स्थिति में बलपूर्वक निष्कासन एवं अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।


