सक्ती – सेवा सहकारी समिति भोथिया में मंदिर की भूमि पर फर्जी पंजीयन कर लाभ लेने के मामले में जिला प्रशासन ने खबर लगते ही टोकन निरस्त कर दिया है। बताया जा रहा है इस कार्यवाही से सरकार को लगभग 9.65 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान होने से बचा लिया गया है। इस कार्यवाही के बाद फर्जीवाड़ा में संलिप्त सभी लोगों में हड़कंप मच गया।
आपको बता दे शिकायतकर्ता ने उक्त भूमि के संबंध में कलेक्टर जिला – सक्ती को अवगत कराते हुए लिखा था कि श्री महादेव मंदिर के नाम पर ग्राम मलनी महाल पटवारी हल्का नंबर 05 की भूमि को श्याम सुंदर पिता मनमोहन के द्वारा अपने आप को बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना सर्वाकार के नाम से राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर लिया है और अपने ग्राम भोथीया में स्थित निजी भूमियों के साथ श्री महादेव जी प्रबंधक जिला अध्यक्ष कलेक्टर के नाम पर अवस्थित उक्त भूमियों को भी सेवा सहकारी समिति मर्यादित भोथीया, तहसील – जैजैपुर में धान बिक्री का पंजीयन कर दिया है और धान का विक्रय कर रहा है। इस वर्ष भी उक्त भूमि का पंजीयन कर धान विक्रय करने 21 एवं 22 जनवरी 2025 को टोकन जारी किया गया है जिसको तत्काल रोका जाए।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना था कि इसके पहले भी उन्होंने कई बार शिकायत की थी लेकिन भोथिया समिति के प्रभारी संस्था प्रबंधक अशोक चंद्रा और प्राधिकृत अधिकारी के सहयोग से हर बार धान बिक जाता था। इस बार भी बेचने की फिराक में हैं। इसके अलावा इस समिति में कई लोगों के नाम पर फर्जी रकबा दर्ज कर अधिक खरीदी करने का खेल भी चला आ रहा है जिसकी शिकायत भी हुई थी।
इस पूरे मामले को लेकर हमारे द्वारा प्रमुखता से समाचार का प्रकाशन किया गया था। समाचार प्रकाशन के बाद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन दोनों ही हरकत में आई और तत्काल बोगस खरीदी पर रोक लगाते हुए उनके द्वारा कराए गए अधिक रकबा पंजीयन के टोकन को निरस्त करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में सरकार को बोगस खरीदी से होने वाले लगभग 9.65 लाख रुपए की आर्थिक क्षति को भी होने से रोक लिया गया।


