बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सामने आए बड़े अफीम खेती मामले में पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े चौथे आरोपी को झारखंड के चतरा जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उसे कुसमी लेकर आई, यहां से उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। यह मामला बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत दर्ज है। 12 मार्च को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम तुर्रीपानी खजूरी में दबिश देकर अवैध अफीम खेती का खुलासा किया था। मौके से सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया को गिरफ्तार किया गया था। संयुक्त कार्रवाई में एसडीओपी कुसमी, कोरंधा थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने खेत में लगी अफीम फसल को जड़ समेत उखाडक़र जब्त किया। कुल 1883.76 किलोग्राम अफीम पौधे बरामद हुए, जिनकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई।
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विवेचना के दौरान पता चला कि यह मामला केवल स्थानीय नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है। जांच में खुलासा हुआ कि चतरा निवासी भूपेंद्र उरांव ने लालच देकर ग्रामीणों से अवैध खेती करवाई थी। उसे 15 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पूछताछ में भूपेंद्र ने बताया था कि तैयार माल की सप्लाई और बिक्री झारखंड के राजन यादव के जरिए होती थी। राजन यादव लंबे समय से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था।
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पुलिस ने तकनीकी इनपुट और सतत निगरानी के आधार पर 9 अप्रैल को आरोपी राजन यादव को उसके गांव चाया (थाना कुन्दा, जिला चतरा) से गिरफ्तार कर लिया। उसे छत्तीसगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।


