रायपुर : छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। एसआईआर के अंतर्गत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था। इसके बाद दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया 23 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक पूरी की गई। वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी है।
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ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति अवधि के दौरान जिन वैध मतदाताओं का नाम सूची में शामिल नहीं था, उन्होंने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, मतदाता विवरण में सुधार के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-8 एवं नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए घोषणा पत्र सहित प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि (23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026) के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में प्रति सप्ताह प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई, ताकि राजनीतिक दलों द्वारा सूचियों का अवलोकन कर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने एवं अपात्र मतदाताओं के नाम विलोपन की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।
दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का विधिवत निस्तारण किया जा रहा है। 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट https://ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन राज्य का कोई भी नागरिक कर सकता है। मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे भ्रामक हैं।
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मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अंतर्गत किसी भी मतदाता का नाम केवल निम्नलिखित तीन विशेष परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है मतदाता की मृत्यु होने पर, मतदाता के निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर और मतदाता का नाम दोहरा (Duplicate) दर्ज होने की स्थिति में। यदि कोई मतदाता निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के निर्णय से असहमत है तो अधिनियम के तहत उन्हें अपील करने का अधिकार प्राप्त है। प्रथम अपील: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24(क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट (DM) के समक्ष।द्वितीय अपील: प्रथम अपील के निर्णय से असंतोष होने पर धारा 24(ख) के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 27 में निहित प्रावधानों के अनुसार ही निष्पादित की जाती है।


