कोरबा – अगर चौकीदार ही चोर बन जाए तो फिर सुरक्षा की गारंटी खुद ही समाप्त जो जाती है। जिले के सरहदी इलाके में इन बातों को चरितार्थ करता हुआ मामला सामने आया है। कोरबा जिले के अंतिम छोर लबेद में लगे चेक पोस्ट बैरियर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों द्वारा इन दिनों खूब गड़बड़ी किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश भर में धान की अफरा तफरी और रिसाइकलिंग पर रोक लगाने सख्त है जिसके लिए कड़े निर्देश भी दिए गए है। राज्य के निर्देश पर कोरबा जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से अवैध धान पर रोक लगाने जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों me चेक पोस्ट बैरियर लगाया गया है जिसमें लबेद बैरियर भी शामिल है। लेकिन चेक पोस्ट बैरियर पर तैनात कर्मचारी अपने जेब भरने में लगे हुए हैं। शायद यही कारण है कि प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में सीमावर्ती जिला सक्ती से अवैध धान कोरबा जिले में पहुंच रहा है जिसे किसानों के माध्यम से बिचौलियों के द्वारा मंडियों में खपाया जा रहा है। इस तरह धान की रीसाइकलिंग से जिले में न सिर्फ अवैध तस्करी फल – फूल रहा है बल्कि शासन को करोड़ों रुपए की क्षति होने की संभावना है।
आपको बता दें कोरबा के सीमावर्ती जिला सक्ती में धान की पैदावार अच्छे रूप में हुई है वही कोरबा जिले में अधिकांश भूमि पड़त होने के कारण खेती नहीं होता है। लेकिन शासन द्वारा धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने के बाद बिचौलिए इसे बेजा लाभ लेने की कुदृष्टि बना ली है जिसमें कुछ समिति के लोग और क्षेत्र के धान व्यापारी मिलकर धान की अफरा – तफरी में लगे हुए हैं।
इन बिचौलियों के द्वारा सक्ती जिले के कई क्षेत्रों से मजदा और पिकअप जैसे वाहनों में धान भरकर तारपोलिन से ढक कर और पिछले लकड़ी का पटरा लगाकर कोरबा की ओर लेकर आते हैं जो की लबेद चेक पोस्ट बैरियर से होकर जाते हैं। सूत्रों की माने तो जैसे ही इन गाड़ियों का चेक पोस्ट के पास पहुंचना होता है तभी चेक पोस्ट में तैनात कर्मचारियों के द्वारा पहले से ही बैरियर को खोल दिया जाता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि क्षेत्र के लोगों के द्वारा ही धान की अफरा तफरी की जा रही है जिसको सहयोग करने के लिए इनके द्वारा ऐसा किया जाता है।
आपको बताना चाहूंगा पिछले दिनों भी इसी तरह क्षेत्र के नाम चित बिचौलियों के द्वारा चिकनीपाली क्षेत्र में धान लाकर खपाने की योजना बनाई जा रही थी जिसे एक किसान के पास सामुदायिक मंच के बाहर खाली किया जा रहा था तभी जिले के कुछ सक्रिय लोग पहुंचकर धान के संबंध में जानकारी मिलने के पश्चात क्षेत्र के तहसीलदार और एसडीएम सहित पुलिस को सूचना दिए। इसके बाद मौके पर तहसीलदार द्वारा पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई की गई जिसमें जब्ती भी हुई।
लेकिन इस कार्यवाही के होने से नाराज बिचौलियों के द्वारा उनके साथ बत्तमीजी, गाली गलौज एवं मारपीट जैसे घटना को अंजाम दिया गया जिसकी उरगा थाने में नामजद लिखित शिकायत की गई जिसके बाद उरगा पुलिस द्वारा अपराध दर्ज भी किया गया है।
लेकिन हैरानी वाली बात है कि इतना कुछ होने के बाद भी बिचौलिए अपने हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और आज भी खुलेआम दिनदहाड़े पहले की तरह सक्ती जिले से धान लाकर अपने क्षेत्र के मंडियों में धान को खपाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में शासन को बड़ा आर्थिक क्षति होने की संभावना है। जिला प्रशासन को चाहिए कि ऐसे धान की अफरा तफरी करने वाले बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 50 पदों पर भर्ती, दस्तावेज सत्यापन की तारीखें घोषित
सी.सी.टी.वी. कैमरा से हो निगरानी

पूर्व एफ.सी.आई. सदस्य राजकुमार दुबे का कहना है कि धान खरीदी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसमें पात्र किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन इस महत्वपूर्ण योजना में भी कुछ बिचौलियों के द्वारा सेंधमारी करते हुए शासन को करोड़ों रुपए की क्षति पहुंचाने में लगे हुए हैं जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्यवाही भी होनी चाहिए। इसके अलावा सबसे ज्यादा धान की अफरा तफरी लबेद बैरियर से होकर की जा रही है इसलिए जिला प्रशासन से आग्रह है कि लबेद बैरियर के पास सीसीटीवी कैमरा निगरानी के लिए लगाए जाना चाहिए ताकि बिचौलियों पर निगरानी की जा सके और कर्मचारियों पर भी नकेल कसा जा सके।


