नई दिल्ली। नेपाल की राजनीति में हालात तेजी से बदल रहे हैं। कल तक पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल था, वहीं अब कुलमन घीसिंग का नाम सबसे आगे आ रहा है।
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नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का मुख्य कारण Gen-Z युवाओं का विरोध बताया जा रहा है। 13 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवा, जिन्हें जनरेशन जेड कहा जाता है, टिकटॉक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जनरेशन जेड की मांगों और विरोध की वजह से ही मौजूदा सरकार गिर गई और अब नई सरकार के गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस बीच, कुलमन घीसिंग का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत उम्मीदवार के रूप में उभरकर सामने आया है।


